सक्रिय भागीदारी से लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी: दुबे

भास्कर न्यूज | महासमुंद शासकीय माता कर्मा कन्या महाविद्यालय में लैंगिक समावेशन 2.0: पुनर्कल्पना शैक्षणिक नेतृत्व, अनुसंधान एवं शासन में समानता विषय पर पांच दिवसीय राष्ट्रीय स्तर के संकाय विकास कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। 24 फरवरी से 28 फरवरी तक चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ और राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के संयुक्त तत्वावधान में हाइब्रिड माध्यम (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) से किया जा रहा है। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि शासकीय महाप्रभु वल्लभाचार्य पीजी कॉलेज की प्राचार्य डॉ. करुणा दुबे रहीं। उन्होंने शिक्षा और नेतृत्व में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान युग में छात्राओं और महिलाओं को केवल शिक्षित ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, जागरूकता और अधिकार बोध से परिपूर्ण होना चाहिए। समाज और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी ही सही मायनों में लोकतंत्र को मजबूत करेगी। इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में महासमुंद सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रतिभागी वर्चुअली और फिजिकल माध्यम से जुड़े हुए हैं। इस मौके पर डॉ. शीलभद्र कुमार, डॉ. सरस्वती वर्मा, डॉ. स्वेतलाना नागल, ओमप्रकाश पटेल, डॉ. मनोज शर्मा, अजय श्रीवास सहित वंदना यादव, अरविंद साहू और कविता गहीर मौजूद थीं। वित्तीय नेतृत्व की दिशा में महिलाओं के बढ़ते कदम प्राचार्य डॉ. एस. बी. कुमार ने वैश्विक लैंगिक चुनौतियों और सरकारी योजनाओं पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्ता डॉ. आराधना शुक्ला ने महिलाएं एवं वित्तीय नेतृत्व विषय पर प्रभावशाली व्याख्यान दिया। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था, विशेषकर कृषि क्षेत्र में महिलाओं के योगदान की चर्चा की। उन्होंने निर्मला सीतारमण, अरुंधति भट्टाचार्य और फाल्गुनी नायर जैसी दिग्गज महिलाओं का उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे आर्थिक नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी वैश्विक विकास का आधार बन रही है।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *