भास्कर न्यूज | बालोद जिला सेन समाज का महिला सम्मेलन एवं वार्षिक अधिवेशन का आयोजन जुंगेरा स्थित बंजारीधाम में हुआ। इस कार्यक्रम में जिले भर से आई मातृशक्ति ने समाज की एकता, अनुशासन और परंपरा के प्रति अपनी दृढ़ निष्ठा का परिचय दिया। सम्मेलन में समाज की नियमावली, नैतिक मर्यादाओं और परंपराओं की रक्षा पर पर चर्चा हुई। उपस्थित महिलाओं ने समाज के निर्णयों का पूर्ण समर्थन किया। सगाई के बाद विवाह संपन्न होने तक वर-वधु के बीच मोबाइल पर अनावश्यक बातचीत पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया। यदि कोई सदस्य धर्मांतरण या इसके प्रयास में पाया गया तो समाज स्तर पर कठोर कार्रवाई। सामाजिक कार्यक्रमों में स्वदेशी परंपरा को बढ़ावा दिया जाएगा। सभी कार्यक्रमों में भोजन सिहरी के पत्तों से बनाई गई थालियों में परोसा जाएगा। माहुल पत्तों में स्वाभाविक एंटीबैक्टीरियल गुण, भोजन को सुपाच्य बनाना, पर्यावरण संरक्षण में सहायक है। समाज के विकास कार्यों में सक्रिय महिलाओं को शॉल एवं श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। ब्लॉक अध्यक्ष सुष्मिता कौशिक, उपाध्यक्ष गोदावरी कौशिक, पूर्णिमा भारद्वाज, कोषाध्यक्ष रेखा शांडिल्य को बनाया गया। अन्य कार्यकारिणी सदस्य सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया। जिला अध्यक्ष संतोष कौशिक, ब्लॉक अध्यक्ष: सेतुराम शांडिल्य, महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष राजनांदगांव निशा श्रीवास, ममता सेन, संतोषी श्रीवास, लोकेश कौशिक, जगन कौशिक, उमेश कुमार सेन, बालेश्वर भारद्वाज उपस्थित रहे। महिलाएं समाज की धुरी हैं: वक्ताओं ने कहा कि महिलाएं समाज की धुरी हैं। उनके सहयोग और नेतृत्व से समाज संगठित और सशक्त बनता है। शिक्षा, नशामुक्ति, युवाओं का मार्गदर्शन, पारिवारिक संस्कार और सामाजिक एकता पर विचार किया। बैठक में महिला ब्लॉक इकाई का गठन किया गया।


