अमृतसर | अकाली दल वारिस पंजाब दे की ओर से पंथ और पंजाब की चढ़दी कला के लिए श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक होने के उपरांत श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई में ‘खालसा वहीर’ की शुरुआत की गई। इस अवसर पर सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा के पिता बापू तरसेम सिंह, सांसद भाई सरबजीत सिंह खालसा, माता बलविंदर कौर सहित विभिन्न राजनीतिक एवं धार्मिक संगठनों के नेता और बड़ी संख्या में संगत उपस्थित रही। अकाल दल वारिस पंजाब दे द्वारा शुरू की गई ‘खालसा वहीर’ पूर्णत धार्मिक स्वरूप की रही। सबसे आगे नगाड़ा, उसके पीछे पंज प्यारे साहिबान, फिर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की पालकी साहिब और उसके पीछे सैकड़ों वाहनों का लंबा काफिला शामिल था। श्री दरबार साहिब से लेकर गोल्डन गेट तक पूरा मार्ग ‘बोले सो निहाल’ के जयकारों से गूंज उठा। इस मौके पर बापू तरसेम सिंह ने कहा कि गुरु साहिब द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलकर ही पंजाब और पंजाब की नौजवानी को बचाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज पंजाब की युवा पीढ़ी नशे, बेरोजगारी और पलायन जैसी गंभीर समस्याओं का सामना कर रही है। ऐसे समय में ‘खालसा वहीर’ का उद्देश्य युवाओं को गुरबाणी, गुरमत और खालसाई जीवनशैली से जोड़ना है।


