गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा, पीएचई विभाग सक्रिय नहीं

भास्कर न्यूज | डौंडी बुधवार को जनपद पंचायत डौंडी की निर्माण एवं संकर्म स्थायी समिति की बैठक सभापति रत्ना हिरवानी की अध्यक्षता में हुई। बैठक में जनपद सदस्यों ने विभागीय अधिकारियों के रवैये पर नाराजगी जताई। सदस्यों ने कहा कि वे निर्वाचित जनप्रतिनिधि हैं और क्षेत्र की जनता की समस्याओं को लेकर अधिकारियों को फोन करते हैं, लेकिन अधिकारी फोन रिसीव नहीं करते। विशेष रूप से पीएचई विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा गया कि गर्मी शुरू हो चुकी है, कई गांवों में पेयजल संकट गहरा रहा है, बावजूद इसके विभाग सक्रिय नहीं दिख रहा। मनरेगा कार्यों को लेकर भी सवाल उठाए गए। ग्राम पटेली में 19 लाख 30 हजार रुपए की लागत से तटबंध निर्माण कार्य ठेकेदार से कराए जाने पर आपत्ति जताते हुए कहा गया कि यदि यह कार्य ग्राम पंचायत के माध्यम से होता तो ग्रामीणों को रोजगार मिलता। सभापति रत्ना हिरवानी ने बताया कि उनके क्षेत्र के ग्राम पंचायत ढोरीठेमा के आश्रित बांधापारा में दो माह से नल-जल योजना का पानी नहीं आ रहा है। ग्राम कुंजकनहार कुरुटोला स्कूल के पास तथा ग्राम कुसुमकसा में आदिवासी भवन के समीप हैंडपंप से आयरन युक्त पानी निकलने की शिकायत भी सामने आई। जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचामी ने ग्राम काकड़कसा, तुमड़ीसुर और नर्रालगुड़ा में हैंडपंपों से पानी नहीं आने की समस्या बताई। उन्होंने कहा कि अधिकारियों से संपर्क करने पर फोन नहीं उठाया जाता, जिससे काम प्रभावित होता है। ग्राम रोजगार सहायकों और सचिवों के साथ भी तालमेल की कमी बताई गई। 85 गांवों में पानी टंकी निर्माण कार्य स्वीकृत है: पीएचई उप यंत्री ने बताया कि शासन की योजना के तहत डौंडी ब्लॉक के 85 गांवों में पानी टंकी निर्माण कार्य स्वीकृत है, जिसमें 71 पूर्ण और 16 प्रगति पर हैं। जल जीवन मिशन के तहत 28 गांवों में कार्य चल रहा है, जिनमें से 13 गांवों में पेयजल आपूर्ति शुरू हो चुकी है। शेष 15 गांवों में बिजली लाइन नहीं लगने के कारण आपूर्ति प्रारंभ नहीं हो पाई है। जिन गांवों में समस्या है, वहां स्वयं जाकर निरीक्षण करने की बात कही गई। बाइक चलाते समय फोन रिसीव नहीं हो पाता: अफसर अधिकारियों ने अपनी सफाई में कहा कि बाइक चलाते समय फोन रिसीव नहीं हो पाता, बाद में कॉल बैक किया जाता है। आरईएस के एसडीओ चंद्राकर ने कहा कि कार्यप्रणाली जटिल हो गई है और स्टाफ की कमी है। आरईएस में तीन उपयंत्री, एक एसडीओ और एक लेखापाल कार्यरत हैं, लेकिन कर्मचारियों के लिए आवास की समस्या बनी हुई है। बैठक में जनपद सदस्य शिवगिरी चुरेन्द्र, मनरेगा के नीरज वर्मा, रेंजर जीवन लाल भोंडेकर, पीडब्ल्यूडी के एनके सहारे, जल संसाधन विभाग के एसडीओ गिलेंद्र व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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