राज्य के हित सर्वोपरि हैं, पानी की एक बूंद भी बाहर नहीं जाने देंगे : सीएम मान

जालंधर | सीएम मान ने पीएपी ग्राउंड में आयोजित पासिंग आउट परेड के दौरान 2577 जवानों को पंजाब पुलिस में शामिल कराया।मान ने कहा कि मार्च 2022 से अब तक 12010 से अधिक पुलिस जवान नियुक्त किए गए हैं। वैज्ञानिक तरीकों पर फोर्स को अपग्रेड करने के लिए 1100 करोड़ रुपए रखे गए हैं और साइबर अपराध, आतंकवाद व नशों का मुकाबला करने के लिए एआई, विशेष तकनीकी यूनिट और मजबूत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स सहित अत्याधुनिक कदम उठाए जा रहे हैं। सीएम ने बताया कि प्रेरणादायक अधिकारी पंजाब पुलिस परिवार में शामिल हुए हैं, सभी को बधाई। 12 हजार जवानों की पुलिस में भर्ती का रिकॉर्ड कायम किया गया है। मान ने बेहतर प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया। सीएम भगवंत मान ने बुधवार को फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले फेज का उद्घाटन किया। अब 4 जिलों के 14 ब्लॉक्स को सिंचाई के लिए सरप्लस पानी मिलेगा। मान स्पष्ट कहा कि पंजाब के पास दूसरे राज्य को देने के लिए अतिरिक्त पानी नहीं है और एक बूंद बाहर नहीं जाने देंगे। कांग्रेस और शिअद ने पानी के समझौतों पर हस्ताक्षर कर राज्य के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि पंजाब अपने दरियाई पानी का बड़ा हिस्सा अन्य राज्यों को देता रहा है, जबकि बाढ़ का बोझ अकेले पंजाब को उठाना पड़ता है। शिअद पर तंज कसते हुए मान ने कहा कि जिसे पार्टी कमेटी बनाने को 11 सदस्य नहीं मिल रहे हैं, वो 117 सीटें जीतने का सपना देख रहे हैं। उन्होंने ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ को परिवार बचाओ यात्रा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान नशा तस्करों और गैंगस्टरों को संरक्षण मिला है, जबकि मौजूदा सरकार ने ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की है। सीएम ने कहा कि 90% घरों को मुफ्त बिजली दी जा रही है। 881 आम आदमी क्लीनिक खोलने और हर परिवार को 10 लाख रुपए तक के कैशलेस इलाज की बीमा योजना का उल्लेख किया गया। उन्होंने दावा किया कि 63 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां बिना रिश्वत और सिफारिश गई हैं। सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दे रही है और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट बाड़ को समायोजित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दी है, जिससे हजारों एकड़ भूमि पर खेती सुगम होगी। मान ने दोहराया कि राज्य के हित सर्वोपरि हैं और पानी पर समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ी तो कानूनी और संवैधानिक विकल्पों का सहारा लेंगे।

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