मणिपुर के शोरूम में सिखों की तलवार पर विवाद:गार्ड ने तलवार ले जाने से रोका, मैनेजर के साथ 40 मिनट बहस, वीडियो वायरल

मणिपुर के इम्फाइल शहर में कपड़ों के एक शो रूम में सिखों की तलवार को लेकर भारी विवाद हुआ। शोरूम के गार्ड ने दो सिखों को तलवार के साथ अंदर जाने से रोका। तलवार को बाहर रखने के लिए कहा तो सिख युवकों की गार्ड से लेकर मैनेजर तक जमकर विवाद हुआ। सिख युवक गार्ड व मैनेजर को कहते रहे कि वो तलवार को बाहर नहीं छोड़ सकते यह उनका धार्मिक मामला है। विवाद बढ़ा तो मैनेजर ने सिख युवकों को पुलिस बुलाने की धमकी दी लेकिन दोनों युवक डटे रहे। चालीस मिनट तक यह बहस चलती रही। सिख युवकों का आरोप है कि शोरूम में उन्हें जानबूझकर किरपाण बाहर रखने को कहा गया। इससे उनके धर्म का अपमान किया गया। युवकों का कहना है कि वो इस मामले को लेकर शोरूम मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई लड़ेंगे। इसके लिए उन्होंने लीगल एक्सपर्ट से मदद भी मांगी है। युवकों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया वीडियो प्रभ सिंह टॉक फेसबुक पेज व यू ट्यूब चैनल पर इस वीडियो को पोस्ट किया गया है। फेसबुक पर अपलोड किए गए इस वीडियो पर पहला कमेंट यादविंदर सिंह ने किया है जिसमें उसने धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया है। वहीं यूट्यूब पर वीडियो के डिस्क्रिप्शन में भी प्रभ सिंह ने धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया है। इम्फाल में गुरुद्वारा साहिब से 100 मीटर की दूरी पर है शोरूम प्रभ सिंह ने डिस्क्रिप्शन में लिखा है कि यह शोरूम मणिपुर के इम्फाल में गुरुद्वारा साहिब से 100 मीटर की दूरी पर है। उसका दोस्त चंडीगढ़ से आया था और उसने ही इस शोरूम से कपड़े खरीदने को कहा था। सोशल मीडिया पर पोस्ट 40 मिनट के वीडियो में क्या क्या हुआ सिलसिलेवार पढ़िए… गार्ड ने कहा हथियार अलाउड नहीं: तीन सिख युवक गुरुद्वारा साहिब से माथा टेकने के बाद शोरूम में खरीददारी करने पहुंचे। तीनों निहंग सिंहों की वेशभूषा में थे। उनके पास बड़ी तलवारें थी। गार्ड ने उन्हें हथियार अंदर ले जाने से रोका और कहा अलाउड नहीं है। विवाद हुआ तो गार्ड ने मैनेजर बुलाया: गेट पर विवाद हुआ तो गार्ड ने मैनेजर बुलाया। जैसे ही मैनेजर आया तो तीन में से एक सिख युवक ने मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। मैनेजर ने उन्हें कहा कि शोरूम में हथियार अलाउड नहीं हैं। सिख युवकों ने कहा कि कौन से हथियार जिस पर मैनेजर ने कह दिया कि जो आपके पास हैं। दुकान के बाहर लिखकर लगाओ सिख अलाउड नहीं हैं: सिख युवकों ने मैनेजर को कहा कि अगर तलवार लाने पर प्रतिबंध है तो बाहर लिखकर लगा दो कि दुकान में सिखों का आना मना है। जिस पर मैनेजर ने कहा कि ऐसा नहीं है। आपको कोई काम धाम नहीं है क्या: बहस के दौरान सिखों ने कहा कि आम हमें हमारा धर्म मानने से रोक रहे हैं। इतने में मैनेजर ने उनको कह दिया कि आपको कोई काम धाम नहीं है क्या? आपको शाॅपिंग करनी है तो अपने तलवार बाहर रखकर आएं। गाड़ी में रखें चाहे बाहर जमा करवा दें। जिस पर उन्होंने कहा कि हम तलवार को अपने से अलग नहीं कर सकते। कैमरा भी अलाउड नहीं है आप वीडियो बना रहे हैं: मैनेजर ने फिर सिखों को कहा कि शोरूम में कैमरा अलाउड नहीं है और आप वीडियो बना रहे हैं। जिस पर उन्होंने कह दिया कि शोरूम के अंदर सीसीटीवी से आप हमारी वीडियो क्यों बना रहे हैं फिर। इस बात को लेकर काफी देर तक बहस होती रही। मैनेजर ने दी पुलिस बुलाने की धमकी: जब दोनों पक्षों में बहस होने लगी तो मैनेजर ने सिख युवकों को पुलिस बुलाने की धमकी दी। जिस पर उन्होंने कहा कि पुलिस को बुला दो। जब तक पुलिस नहीं आएगी हम यहीं पर रहेंगे। फिर कैमरे को लेकर मैनेजर और उनके बीच में बहस हुई। आपने हमारे धर्म की बेइज्जती की है: सिख युवकों ने मैनेजर पर आरोप लगाए कि आपने हमारे धर्म का अपमान किया है। आप कह रहे हो कि किरपाण बाहर रखो। जिसका सीधा मतलब है कि आपके शोरूम में सिखों की एंट्री बंद है। मैनेजर ने कहा कि आप फालतू की बात कर रहे हैं आपके पास कोई काम नहीं है। पुलिस को भी हथियार लाने की अनुमति नहीं: मैनेजर ने कहा कि यहां पर पुलिस को भी अपने हथियार लाने की अनुमति नहीं है। इसलिए आपको भी नहीं है। सिख युवकों का कहना था कि पुलिस की गन धर्म से जुड़ी नहीं है और उनकी किरपाण व तलवार धर्म से जुड़ी है। छोटे किरपाण को नहीं रोकते हम: मैनेजर ने कहा कि यहां पर सिख आते हैं और उनकी छोटी किरपाण होती है। उन्हें हम नहीं रोकते लेकिन आपके पास बड़ी तलवारें हैं इसलिए आपको रोका गया। आपके रीति रिवाजों के बारे में यहां के लोगों को नहीं पता है। कैमरे को हाथ लगाओ फिर बताते हैं: सिख युवक जब मैनेजर के साथ बहस कर रहे थे तो मैनेजर ने वीडियो बनाने वाले का मोबाइल पकड़ने की कोशिश की। जिस पर दोनों सिख युवक तिलमिला गए और उन्होंने मैनेजर को सीधी धमकी दे दी कि मोबाइल को हाथ लगाकर दिखाओ फिर हम बताते हैं। मैनेजर फिर उन्हें अंदर जाने के लिए कह देता है। मैनेजर ने सॉरी कहा और शॉपिक करने को कहा: तीखी बहस के बाद मैनेजर ने सिख युवकों को सॉरी कहा और उन्हें शाॅपिंग करने को कहा। लेकिन उन्हाेंने साफ कह दिया कि वो शॉपिंग नहीं करेंगे। आपको पूछना चाहिए था हम बताते: सिख युवक भी शांत हुए और उन्होंने कहा कि आपको पहले पूछना चाहिए था कि इनका मतलब क्या है। अन्य जगहों पर भी कई लोगों ने पूछा और हमने उन्हें बताया। सिख युवाओं ने मैनेजर को कहा कि हम अब जा रहे हैं आपने अच्छी रिस्पेक्ट की हमारी। फिर विवाद हुआ और सिख युवक रिटन ऑर्डर दिखाने पर अड़े: इसी बीच मैनेजर और सिख युवकों के बीच फिर बहस होने लगी। उसके बाद सिख युवकों ने मैनेजर से हथियार न लाने का लिखित ऑर्डर या वेबसाइट पर दिखाने को कहा। लेकिन मैनेजर इस तरह के आदेश नहीं दिखा सका। लास्ट में मैनेजर ने फिर माफी मांग कर छुड़ाई जान: आखिर में मैनेजर ने सिख युवकों से माफी मांगी और उन्हें शोरूम व मणिपुर विजिट करने पर धन्यवाद कहा। उसके बाद मैनेजर वहां से निकल गया। मैनेजर के पास नहीं कोई लिखित आदेश: प्रभ सिंह ने वीडियो के आखिर में कहा कि मैनेजर के पास लिखित में कोई ऑर्डर नहीं थे। वो पहले उन्हें धमकाने की कोशिश करता रहा लेकिन बाद में जान छुड़ाकर भाग गया। इस तरह की घटनाओं से होता है दुख: दुख होता है कि जब हमें अपना धर्म निभाने के लिए इस तरह की घटनाओं का सामना करना पड़ता है। जब दुनियां में कहीं भी किसी सिख का अपमान होता है तो यह नहीं सहा जाएगा। हम कंपनी तक संपर्क करेंगे ताकि उन्हें बताएंगे कि हम कौन हैं। प्रभ सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखी ये पोस्ट सत श्री अकाल दोस्तों… यह बात पिछले शनिवार की है, जब हम दोनों भाई कपड़े खरीदने पहुंचे थे, जो इम्फाल (मणिपुर) गुरुद्वारे से मात्र 100 मीटर की दूरी पर स्थित है। हमें शोरूम से बाहर जाने के लिए कहा गया और यह कारण दिया गया कि लोग हमसे डर रहे हैं। हमने स्टोर में मौजूद कई लोगों से पूछा कि क्या आपको हमसे डर लग रहा है? तो वहां मौजूद लोगों ने कहा कि नहीं, हमें अच्छा लगा कि आप हमारे शहर आए हैं। लेकिन हमने मैनेजर से बार-बार निवेदन किया कि कृपया हमें कंपनी की वेबसाइट पर लिखा दिखा दें कि सिख, जो किरपान धारण करके आते हैं, वे स्टोर में खरीदारी नहीं कर सकते। पर मैनेजर के पास इसका कोई जवाब नहीं था। मैं पूरी सिख संगत से निवेदन करता हूं कि इस मामले पर ध्यान दिया जाए, ताकि आगे किसी और सिख के साथ ऐसा व्यवहार न हो। जानबूझकर हमारी अलग पहचान की वजह से हमारी एंट्री को लेकर किरपान को मुद्दा बनाकर विरोध किया गया है। हम लीगल टीम से भी अनुरोध करते हैं कि हमारे साथ हुए इस अन्याय पर संज्ञान लिया जाए। धन्यवाद।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *