वित्त मंत्री का ऐलान- बजट में हुई घोषणाएं एक साल में लागू होंगी

विकास आयुक्त की अध्यक्षता में कमेटी, वित्त सचिव समेत चार सदस्य राज्यपाल के अभिभाषण, वित्त मंत्री के बजट भाषण और मुख्यमंत्री के भाषण में की गई घोषणाओं को उसी वित्तीय वर्ष में लागू कराया जाएगा। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर सामान्य वाद-विवाद के बाद बुधवार को विधानसभा में सरकार की ओर से जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई जाएगी। इसमें वित्त सचिव और दो प्रधान सचिव सदस्य होंगे। यह कमेटी सदन में की गई घोषणाओं के समयबद्ध और प्रभावी अनुपालन की समीक्षा करेगी। वित्त मंत्री ने कहा कि आज सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद ही वह इस संबंध में फाइल पर आदेश कर देंगे। यह घोषणा भाजपा के राज सिन्हा, जदयू के सरयू राय और आजसू के निर्मल महतो द्वारा बजट घोषणाओं के क्रियान्वयन को लेकर उठाए गए सवालों के जवाब में की गई। हालांकि इस दौरान भाजपा विधायक बजट को निराशाजनक बताते हुए वॉकआउट कर गए। मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि उसके परिणाम आने वाले समय में दिखेंगे। केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप लगाया। कहा-केंद्रीय करों में पर्याप्त राशि नहीं दी जा रही है। अनुदान में कटौती की गई है। तीन माह में बनेगी नगरपालिका सेवा की नियमावली प्रश्नकाल के दौरान मंत्री सुदिव्य कुमार ने घोषणा की कि जेपीएससी (सातवीं, आठवीं और नौवीं) के माध्यम से नियुक्त झारखंड नगर पालिका सेवा के 63 अधिकारियों की सेवा संपुष्टि के लिए तीन महीने के भीतर नियमावली बना ली जाएगी। उन्होंने बताया कि सेवा संपुष्टि की समय-सीमा दो वर्ष है, लेकिन कुछ प्रमाण-पत्रों की जांच में देरी के कारण मामला लंबित है। वर्ष 2022 से 2026 तक यह विषय अटका रहा। उन्होंने कहा कि विसंगति दूर करने के लिए अलग कैडर का गठन किया जाएगा। विधायक अरूप चटर्जी ने यह मुद्दा उठाया था। कहा इससे वेतन व अन्य सुविधाएं प्रभावित हो रही हैं। छह-छह महीने तक वेतन लंबित है और अफसरों का जीपीएफ खाता भी नहीं खुल सका है। मंत्री ने आश्वासन दिया कि तीन माह में नियमावली बनाकर लंबित मामले का स्थाई समाधान किया जाएगा और वेतन विसंगति भी दूर की जाएगी। दाल और मछली उत्पादन के साथ दूध उत्पादन-खपत में वृद्धि हुईवित्त मंत्री ने बताया कि इस बार झारखंड में करीब 50 लाख मीट्रिक टन धान का उत्पादन हुआ है। दाल और मछली उत्पादन में भी बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने दावा किया कि अब आंध्र प्रदेश और केरल से झारखंड के बाजार में मछलियां नहीं आ रही हैं। दूध उत्पादन और खपत में भी वृद्धि हुई है। राष्ट्रीय स्तर पर 500 मिलीग्राम खपत के मुकाबले राज्य में 260 मिलीग्राम खपत हो रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड हॉर्टिकल्चर के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहा है। सामाजिक, आर्थिक और सामान्य क्षेत्र में बड़े बजट का प्रावधानभोजनावकाश के बाद हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि बजट पेश करने से पहले समाज के विभिन्न वर्गों से चर्चा की गई। सामाजिक क्षेत्र के लिए 67 हजार करोड़ से अधिक, आर्थिक क्षेत्र के लिए 69 हजार करोड़ से अधिक और सामान्य क्षेत्र के लिए 72 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान किया गया है। योजना मद में एक लाख करोड़ रखे गए हैं। स्थापना मद में भी बढ़ोतरी की गई है। सरकार रिक्त पदों को भरने की दिशा में तेजी से पहल कर रही है।

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