सदर अस्पताल में बुधवार की दोपहर स्वास्थ्य सेवाएं उस वक्त शर्मसार हो गईं, जब राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के दौरे के दौरान इमरजेंसी गेट पर एंबुलेंस की जगह उनकी गाड़ी खड़ी कर दी गई। नतीजा यह हुआ कि एक गंभीर मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे करीब 300 मीटर दूर खड़ी एंबुलेंस तक ले जाना पड़ा। स्वास्थ्य मंत्री चतरा प्लेन हादसे में मृत डॉ. विकास कुमार गुप्ता को श्रद्धांजलि देने सदर अस्पताल पहुंचे थे। इमरजेंसी गेट के सामने, जहां आम तौर पर एंबुलेंस खड़ी रहती हैं, वहां मंत्री की गाड़ी खड़ी कर दी गई। वहीं एंबुलेंस इमर्जेंसी गेट से करीब 300 मीटर दूर अस्पताल के एग्जिट गेट पर खड़ी की गई थी। इसी दौरान इमरजेंसी वार्ड से एक गंभीर मरीज को रिम्स रेफर किया गया। मरीज की हालत नाजुक थी और उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। परिजन उसे स्ट्रेचर पर लेकर इमरजेंसी गेट तक पहुंचे, लेकिन वहां एंबुलेंस नहीं मिली। मजबूरन मरीज को ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ करीब 300 मीटर दूर उस गेट तक ले जाया गया, जहां एंबुलेंस खड़ी की गई थी। वहां से उसे रिम्स के लिए रवाना किया गया। किसी गंभीर मरीज के लिए जहां एक-एक मिनट कीमती होता है, वहां वीआईपी दौरे के दौरान इमरजेंसी सेवाओं को बाधित करना क्या सही है? घंटों इंतजार करती रहीं गर्भवती महिलाएं, डॉक्टर नहीं बैठीं स्वास्थ्य मंत्री ने सदर अस्पताल पहुंच कर एयर एंबुलेंस हादसे में मृत डॉक्टर को दी श्रद्धांजलि सदर अस्पताल में वीआईपी संस्कृति का असर सिर्फ इमरजेंसी तक सीमित नहीं रहा। प्रसूति विभाग के बाहर बुधवार को घंटों से लाइन में खड़ी गर्भवती महिलाएं डॉक्टर का इंतजार करती रहीं, पर डॉक्टर से मिल नहीं पाईं। क्योंकि डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी की सभा में व्यस्त थीं। गर्भवती महिलाएं सुबह आठ बजे से ही जांच कराने पहुंची थीं।


