सवाई माधोपुर में 90 दुकानें हटाने का विरोध:दुकानदारों ने आक्रोश रैली निकाली, आंदोलन की चेतावनी दी

सवाई माधोपुर के चौथ का बरवाड़ा कस्बे में चौथ माता मंदिर मार्ग स्थित खातालाब मैदान से 90 से अधिक अस्थायी दुकानों को हटाए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। दुकानदारों ने बुधवार को आक्रोश रैली निकाली। एसडीएम से कहा-सालों से व्यवसाय कर रहे थे, अचानक दुकानों को हटाने से रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए और पुनः दुकान आवंटित की जाए। यदि 24 घंटे में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा। लव कुश वाटिका निर्माण के नाम पर हटाई गईं दुकानें चौथ माता मंदिर मार्ग पर वर्षों से पूजा-प्रसाद और खिलौनों की अस्थाई दुकानें लगाकर कई परिवार आजीविका चला रहे थे। वन विभाग का कहना है कि संबंधित भूमि विभाग की है और यहां लव कुश वाटिका का निर्माण प्रस्तावित है। इसी के तहत दुकानदारों को पहले नोटिस देकर स्वयं दुकानें हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद विभागीय कार्रवाई करते हुए करीब 90 दुकानें हटाई गईं। कार्रवाई के बाद से ही प्रभावित दुकानदार लगातार विरोध जता रहे हैं।
सालों से कर रहे थे व्यवसाय, अचानक हटाने से संकट दुकानदारों का कहना है कि वे लंबे समय से यहां व्यवसाय कर रहे थे और यही उनकी आय का मुख्य स्रोत था। अचानक कार्रवाई से आर्थिक नुकसान के साथ परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना दुकानें हटाना अनुचित है। प्रभावित व्यापारियों ने मांग की है कि या तो उन्हें पुनः उसी स्थान पर दुकानें आवंटित की जाएं या फिर किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर व्यवस्थित रूप से पुनर्वास किया जाए। एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, निष्पक्ष जांच की मांग बुधवार सुबह करीब 11 बजे दुकानदार चौथ माता मेला मैदान से रैली के रूप में निकले। नारेबाजी करते हुए वे एसडीएम कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। वन मंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में मांग की गई है। वन विभाग के संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका की जांच हो। कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराई जाए। प्रभावित दुकानदारों को पुनः दुकान आवंटित की जाए। आजीविका को ध्यान में रखते हुए स्थायी समाधान निकाला जाए। 24 घंटे की मोहलत, आमरण अनशन की चेतावनी दुकानदारों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उनका कहना है कि यदि तय समय में सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा और आमरण अनशन शुरू किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की ओर से ज्ञापन लेने के बाद आश्वासन दिया गया है कि मामले को उच्च स्तर पर पहुंचाया जाएगा। अब सभी की नजरें आगामी प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *