राजस्थान के माइंस संचालक पर हरियाणा में खनन का आरोप:ग्रामीण बोले- विरोध करने पर कराता है झूठे केस; पैमाइश में खुलासे का दावा

हरियाणा में राजस्थान की सीमा के साथ लगते दोस्तपुर ग्राम पंचायत की पंचायती भूमि (खसरा नंबर 47) पर पिछले पांच वर्षों से कथित अवैध खनन का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राजस्थान क्षेत्र में संचालित लीज माइंस के संचालक हरियाणा की सीमा में घुसकर करीब 5–6 कनाल जमीन पर खनन कर चुके हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री तक दर्जनों शिकायतें दी और कई बार विरोध प्रदर्शन भी किया, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। ग्राम पंचायत के अनुसार पंचायती भूमि की तीन बार सरकारी पैमाइश करवाई जा चुकी है। रिपोर्ट में हरियाणा की जमीन पर अतिक्रमण और खनन की पुष्टि होने का दावा किया गया है। इसके बावजूद दोषियों पर न तो रिकवरी की गई और न ही खनन पर पूर्ण रोक लगी। हैवी ब्लास्टिंग से कांप उठा गांव ग्राम पंचायत दोस्तपुर सरपंच प्रतिनिधि बबरुभान, नितिन यादव, सोनू, प्रवेश, रतिराम, महेश, सोनू, मनोज आदि ने बताया कि बीते दिनों कथित रूप से की गई भारी ब्लास्टिंग से गांव के रिहायशी मकानों में फिर से पत्थर गिरने लगे। कई घरों में दरारें आने की शिकायत है। महिलाएं और बच्चे भय के साए में जी रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया नियमों की अनदेखी कर दिन-रात ब्लास्टिंग कर रहा है, जिससे जान-माल का खतरा बना हुआ है। लघु सचिवालय में कई बार प्रदर्शन उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने कई बार नारनौल लघु सचिवालय में विरोध प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। प्रशासनिक अधिकारियों को मौके पर बुलाने और कार्रवाई की मांग की गई, लेकिन धरातल पर स्थिति जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर पंचायती जमीन सुरक्षित नहीं है तो आम आदमी की जमीन कैसे सुरक्षित रहेगी। आवाज उठाने पर उल्टा मुकदमा दर्ज ग्रामीणों का आरोप है कि जब उन्होंने अवैध खनन के खिलाफ आवाज उठाई, तो लीज संचालकों ने थाना पनियाला (जिला कोटपूतली) में गांव के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी। इससे पहले भी फायरिंग और लूट जैसी गंभीर धाराओं में शिकायत दी गई थी, जो जांच में झूठी पाई गई। ग्रामीण इसे दबाव बनाने की रणनीति बता रहे हैं।

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