क्रशर ब्लास्ट-स्कूल की छत तोड़कर क्लासरूम में गिरा 50KG पत्थर:200-300 मीटर दूर ढाबा-CRPF कैंप के नजदीक भी गिरे बोल्डर, 2 पर FIR, संचालक-मैनेजर पुलिस की गिरफ्त से बाहर

छ्त्तीसगढ़ में दंतेवाड़ा जिले के जावांगा में स्थित क्रशर प्लांट में हुए ब्लास्ट के बाद पत्थरों के टुकड़े करीब 200-300 मीटर दूर स्थित स्कूल, ढाबा और CRPF कैंप के नजदीक जा गिरे। 50 किलो से ज्यादा वजन का पत्थर स्कूल की छत तोड़कर नीचे क्लास रूम में गिर गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई।

बताया जा रहा है कि, क्रशर संचालक ने पुलिस को बिना किसी लिखित सूचना दिए ब्लास्ट कर दिया था। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अब तक 3 से 4 लोगों को जांच के दायरे में रखा है। 2 के खिलाफ गैर जमानतीय धाराओं पर FIR दर्ज की गई है। 2 को जेल भेज दिया गया है। संचालक और मैनेजर अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

पुलिस के मुताबिक इस मामले की जांच चल रही है।
जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उनके हिसाब से जिसकी जो जिम्मेदारी होगी उसपर कार्रवाई की जाएगी। पूरा मामला गीदम थाना क्षेत्र का है।

जानिए क्या है पूरा मामला

जगदलपुर-बीजापुर NH-63 से महज 100-150 मीटर दूर लक्ष्मी मेटल एंड इंडस्ट्रीज क्रशर प्लांट है। पुलिस के मुताबिक इसी प्लांट से 18 फरवरी को पुलिस थाना से बारूद लेकर गए थे। लेकिन ब्लास्टिंग करने का समय और दिन-तारीख नहीं बताया गया था। संचालक ने 19 फरवरी की शाम करीब 4 बजे ब्लास्टिंग करवा दी।

ब्लास्टिंग में 50 किलो से ज्यादा वजनी पत्थर 200 से 300 मीटर दूर तक गिरे। एक बड़ा पत्थर नवीन प्राथमिक शाला कोसापारा बड़े पनेड़ा की कंक्रीट छत तोड़ते हुए कक्षा के अंदर गिरा। उस समय स्कूल में छात्र-शिक्षक मौजूद नहीं थे, इसलिए बड़ा हादसा टल गया। ढाबा और करीब 200 मीटर दूर स्थित CRPF कैंप परिसर के पास भी पत्थर गिरे हैं।

3 दिन पहले पुलिस को मिली जानकारी

SDOP गोविंद दीवान ने बताया कि, करीब 3 दिन पहले ही (24 फरवरी) इसकी जानकारी पुलिस को मिली है। हमने FIR दर्ज कर ली है। पुलिस की जानकारी के बिना ब्लास्ट किया गया था। हालांकि, स्कूल प्रबंधन ने शिक्षा विभाग को इसकी जानकारी पहले ही दे दी थी। हम मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में जिन लोगों के नाम आएंगे सभी पर कार्रवाई होगी।

अब तक की जांच में ये तथ्य आए सामने

पुलिस जांच में प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक का उपयोग किया गया है।
सामान्य परिस्थितियों में पत्थरों का 300 मीटर तक जाना नहीं होता। सर्फेस क्लीनिंग नहीं किए जाने की भी आशंका है।
छत तोड़ने वाला पत्थर पुराना था, जो ब्लास्ट से पहले साइट पर मौजूद था।

पुलिस जांच में इनके नाम, 2 को भेजा जेल

गीदम पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। इस जांच में संचालक टी. रमेश, मैनेजर इजराइल, ब्लास्टर टी. रमेश और असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू का नाम सामने आया है। जिनमें ब्लास्टर टी. रमेश और असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 288, 324(5), 326(7) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया है। धारा 326(7) गैर-जमानती है।

ब्लास्टर टी. रमेश और असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। संचालक और मैनेजर पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

NH के नजदीक चल रहा प्लांट

यह क्रशर प्लांट जगदलपुर-बीजापुर 63 से करीब 100–150 मीटर दूरी पर पिछले 9 साल से संचालित है। आरोप है कि निर्धारित 1.4 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में खनन किया जा रहा है। प्लांट के आसपास फेंसिंग नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार खेतों को नुकसान हो रहा है।

जांच पूरी होने तक प्लांट बंद

बताया जा रहा है कि कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव ने SDM, माइनिंग इंस्पेक्टर और तहसीलदार की संयुक्त जांच टीम बनाई है। SDM मनीष बघेल ने संचालक को नोटिस जारी किया है और जांच पूरी होने तक प्लांट बंद करने के निर्देश दिए हैं।

क्या हैं ब्लास्टिंग के नियम?

ब्लास्टिंग से पहले संबंधित थाने को लिखित सूचना देना अनिवार्य।
सर्फेस क्लीनिंग करना जरूरी, ताकि ढीले पत्थर दूर न उछलें।
निर्धारित मात्रा से अधिक विस्फोटक का उपयोग नहीं किया जा सकता।
सुरक्षा के लिए आसपास फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाना जरूरी।
संवेदनशील स्थान (स्कूल, कैंप, ढाबा) के पास अतिरिक्त सुरक्षा उपाय अनिवार्य।
ब्लास्टिंग के समय क्षेत्र खाली कराना और मार्ग बंद करना जरूरी।

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