राजस्थान उच्च न्यायालय ने बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम के पक्ष में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए बड़ी राहत प्रदान की है। न्यायालय ने सिविल वाद में सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति कुलदीप माथुर की एकलपीठ ने राजस्थान बॉडी बिल्डिंग संघ के पूर्व अध्यक्ष नवीन यादव द्वारा 14 नवंबर 2024 को मान्यता समाप्त करने के आदेश तथा 15 नवंबर 2024 को एडहॉक कमेटी गठित करने के आदेश पर स्थगन (स्टे) आदेश जारी कर दिया है। याचिका बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम के अध्यक्ष अरुण व्यास के माध्यम से दायर की गई थी। खेल अधिनियम के विरुद्ध बताया आदेश न्यायालय ने कहा कि बिना सुनवाई किसी जिला संगम की मान्यता समाप्त करना तथा नियमों के विरुद्ध एडहॉक कमेटी का गठन करना खेल अधिनियम 2005 के प्रावधानों के खिलाफ है। अदालत ने आदेशित किया कि बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम को उसके कार्यकाल पूर्ण होने तक खेल अधिनियम 2005 के अनुरूप अपने क्षेत्राधिकार में समस्त गतिविधियों के संचालन की अनुमति रहेगी। खेल जगत में खुशी की लहर हाईकोर्ट के फैसले के बाद बीकानेर के खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई। वरिष्ठ बॉडी बिल्डर विक्रम व्यास, मुरली किराडू, आशुतोष स्वामी, इम्तियाज खान, शिव गहलोत, राजेश पूरी, देवेंद्र सोनी, साजिद खान, वीर सिंह, रामपाल सेन, कायम पठान, शाकिब खान, नवरत्न सोनी, नरनारायण स्वामी और हितेश प्रजापत सहित कई खेल प्रेमियों ने न्यायालय के निर्णय का स्वागत किया। खिलाड़ियों ने इसे खेल हित में ऐतिहासिक फैसला बताते हुए प्रसन्नता जताई और संगम पदाधिकारियों को बधाई दी। हाईकोर्ट के इस आदेश से अब बीकानेर जिला बॉडी बिल्डिंग संगम की प्रशासनिक गतिविधियां पूर्ववत जारी रह सकेंगी।


