बिलासपुर जिले में पिछले तीन सालों में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के 708 मामले सामने आए हैं। इनमें 6 मामलों में कॉलोनाइजरों की संलिप्तता पाई गई है। यह जानकारी छत्तीसगढ़ विधानसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सरकार ने दी। सुशांत शुक्ला ने सदन में बिलासपुर जिले की शासकीय भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण का विषय प्रमुखता से उठाया। उन्होंने साल 2023-24 से अब तक प्राप्त शिकायतों का विवरण मांगा। साथ ही यह भी पूछा कि कितने कॉलोनाइजरों के खिलाफ शिकायतें दर्ज हुईं और उन पर क्या कार्रवाई की गई। विभागवार शिकायतों का आंकड़ा टंकराम वर्मा ने जवाब में बताया कि इस अवधि में कुल 708 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें 695 मामले राजस्व विभाग से जुड़े हैं, जबकि 13 मामले नगरीय प्रशासन विभाग के अंतर्गत आते हैं। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 6 शिकायतें सीधे कॉलोनाइजरों के खिलाफ दर्ज की गईं। इनमें 4 प्रकरण राजस्व विभाग के अधीन हैं, जबकि 2 मामले नगरीय प्रशासन विभाग से संबंधित हैं। संबंधित विभागों ने जांच कर आवश्यक कार्रवाई की है। बेदखली और न्यायालयीन कार्रवाई सरकार के अनुसार कई मामलों का निराकरण विभागीय स्तर पर किया गया। गंभीर प्रकरणों में न्यायालय में वाद दायर किए गए। कुछ मामलों में बेदखली के आदेश भी जारी किए गए हैं। ब्लॉकवार बढ़ते मामले सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। ब्लॉकवार आंकड़े इस प्रकार हैं: बिल्हा – 2024 में 128, 2025 में 139, 2026 में 25 मस्तूरी – 2024 में 37, 2025 में 73, 2026 में 22 तखतपुर – 2024 में 54, 2025 में 17, 2026 में 34 कोटा – 2024 में 222, 2025 में 342, 2026 में 63


