शहर में आईटी पार्क शुरू होने से करीब 30 आईटी इंडस्ट्री अपना प्लग एंड प्ले आधारित मॉडल पर कार्य कर सकेगी। इससे निवेश के नए अवसर पैदा होंगे और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा। आईटी पार्क के निर्माण कार्य का भूमि पूजन मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव करेंगे।
आईटी पार्क बनने से औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। पहले चरण में 46 करोड़ से आईटी पार्क बनाया जाएगा। आईटी पार्क के बनने से छात्रों का भविष्य उज्जवल बनाने के साथ-साथ औद्योगिक विकास के क्षेत्र में वृद्धि होगी। इंजीनियरिंग कॉलेज के समीप आईटी पार्क बनेगा। कलेक्टर नीरजकुमार सिंह ने मंगलवार को प्रशासनिक संकुल भवन में आईटी पार्क के भूमि पूजन की तैयारियों के संबंध में शैक्षणिक संस्थानों के पदाधिकारियों के साथ बैठक लेकर आवश्यक आदेश दिए। आईटी पार्क शुरू होने से स्थानीय अर्थव्यवस्था में विविधता आएगी, पारंपरिक क्षेत्रों पर निर्भरता कम होगी और नवाचार संचालित विकास को बढ़ावा मिलेगा। आईटी कंपनियों को उज्जैन में कम लागत में काफी लाभ हो सकता है, जिसमें किफायती कार्यालय और कर्मचारियों के लिए न्यूनतम जीवनयापन की लागत शामिल होगी। उन्होंने कहा कि आईटी पार्क बनने से छात्रों को बेहतरीन उच्च गुणवत्ता की शिक्षा प्राप्त होगी। ऐसा होगा आईटी पार्क 1. उभरता हुआ आईटी हब का निर्माण होगा।
2. डिजाइन में कैंटीलीवर छज्जे, वक्राकार रेखाएं, गहराई का आभास देने वाले वैनिशिंग पाइंट्स और दोहराने वाले पैटर्न होंगे।
3. आधुनिक कार्यालय कक्ष, सम्मेलन कक्ष, कैफेटेरिया, रिसेप्शन और अग्नि सुरक्षा उपकरण, लिफ्ट एचवीएसी प्रणाली और पर्याप्त जलापूर्ति होगी।
4. फेज वाइज आईटी इकोसिस्टम एवं आईटी स्पेस का विकास होगा।
5. पहले चरण में लगभग 5400 वर्गमीटर क्षेत्र में निर्माण किया जाएगा।
6. 1.2 लाख वर्गफीट आवंटन योग्य आईटी स्पेस का निर्माण किया जाएगा।
7. 30 आईटी इंडस्ट्री अपना प्लग एंड प्ले आधारित मॉडल पर कार्य कर सकेगी।


