राजस्थान विधानसभा में बामनवास की विधायक इंदिरा मीना ने गुरुवार को अलवर शहर में दीवानजी का बाग की जमीन पर अवैध प्लॉटिंग का मुद्दा उठाया तो सब चौक गए। असल में मुद्दे को अलवर के किसी कांग्रेस के विधायक ने नहीं उठाया। जिसके कारण बामनवास की एमएलए को उठाना पड़ा। विधायक ने कहा कि बाग और ग्रीन एरिया पर अवैध प्लॉटिंग कर दी। भूमाफिया खुलकर प्लॉटिंग कर रहा है। असल में अलवर शहर के दीवानजी का बाग के नाम से करीब 9 बीघा जमीन है। जो हरा-भरा होने के कारण उसे ग्रीन बेल्ट के रूप में छोड़ा हुआ है। मास्टर प्लान में भी ग्रीन बेल्ट है। इसके बावजूद भूमाफिया ने अधिकारियों से मिलीभगत कर ग्रीन बेल्ट की जमीन की 90ए करा ली। लेआउट भी अप्रूव हो गया। यह कारनामा 2022 में नगर निगम के पूर्व कमिश्नर जोधा सिंह के समय हुआ। उनके जाने के बाद किसी ने पट्टे नहीं दिए। लेकिन अब कुछ महीने पहले पूर्व कमिश्नर जितेंद्र सिंह ने 11 पट्टे जारी कर दिए। उसके बाद मामला सामने आया कि प्रतिबंधित एरिया की 90ए कर दी गई। इस मुद्दे को अलवर के 5 में से किसी विधायक ने नहीं उठाया। बामनवास की विधायक ने अलवर का मुद्दा उठाया तो सब चौक गए। कुछ ने यह भी जानने का प्रयास किया कि अलवर की बजाय बामनवास की एमएलए ने मुद्दा क्यों उठाया। कलेक्टर को सौंप दी रिपोर्ट इस मामल की अलवर कलेक्टर ने नगर निगम से रिपोर्ट मांग ली। मौजूदा कमिश्नर ने पूरी फाइल कलेक्टर को भेजी हुई है। आयुक्त सोहन सिंह का मानना है कि ग्रीन बेल्ट की 90ए नहीं हो सकती। 2022 में इसकी 90ए की गई है। जो नियमों के विपरीत है।


