एमसीबी जिला मुख्यालय मनेंद्रगढ़ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं अपनी तीन सूत्रीय मांगों को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। जिलेभर से सैकड़ों की संख्या में कार्यकर्ता और सहायिकाएं एकजुट होकर धरना-प्रदर्शन कर रही हैं। इस हड़ताल के कारण कई आंगनबाड़ी केंद्रों में ताला लगा रहा, जिससे महिला-बाल विकास विभाग की योजनाओं के संचालन पर असर पड़ा है। प्रदर्शनकारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे सालों से शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का निष्ठापूर्वक निर्वहन कर रही हैं। इनमें पोषण अभियान, टीकाकरण सहयोग, गर्भवती महिलाओं, बच्चों की देखरेख और सर्वे कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद उन्हें अब तक शासकीय कर्मचारी का दर्जा नहीं मिला है। उनका आरोप है कि नियमित कर्मचारियों की तरह कार्य लेने के बावजूद उन्हें न तो वेतनमान का लाभ मिलता है और न ही अन्य शासकीय सुविधाएं। शासकीय कर्मचारी का दर्जा और मानदेय वृद्धि की मांग हड़ताल की मुख्य मांग आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाओं को शासकीय कर्मचारी घोषित करना है। इसके अलावा मानदेय में बढ़ोतरी, सेवा सुरक्षा, पेंशन व्यवस्था और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों को लागू करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है। आंदोलनकारी बोले- मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा तेज कार्यकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान मानदेय महंगाई के अनुरूप पर्याप्त नहीं है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना कठिन हो रहा है। धरना स्थल पर वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शासन-प्रशासन द्वारा उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी न होने की स्थिति में वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन की होगी।


