मृत्यु भोज त्यागा, शिक्षा को दिया बढ़ावा:पूर्व सरपंच के परिवार की पहल, मांडावास स्कूल को 51 हजार रुपए की भेंट

ब्यावर की ग्राम पंचायत लसाड़िया के पूर्व सरपंच पप्पू काठात के परिवार ने मृत्यु भोज की परंपरा को त्यागकर शिक्षा के क्षेत्र में एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। परिवार ने लक्ष्मण काठात की पुत्रवधू के आकस्मिक निधन के बाद पारंपरिक मृत्यु भोज आयोजित करने के बजाय, उनकी स्मृति में राजकीय प्राथमिक स्कूल, मांडावास को 51 हजार रुपए की राशि भेंट की। परिवारजनों ने बताया कि मृत्यु भोज पर होने वाले व्यय को जनहित में लगाने का संकल्प लिया गया, ताकि दिवंगत आत्मा की स्मृति समाजोपयोगी कार्य से जुड़ सके। इसी भावना के साथ विद्यालय को यह आर्थिक सहयोग प्रदान किया गया।

स्कूल के कार्यवाहक प्रिंसिपल शेख अल्लाहबक्स और बालूराम सहित समस्त स्टाफ तथा ग्रामवासियों ने इस सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने बताया कि प्राप्त राशि का उपयोग स्कूल के विकास कार्यों, विद्यार्थियों की शैक्षणिक आवश्यकताओं और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण में किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल को सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध एक सशक्त संदेश बताया। उनका कहना था कि शिक्षा से बढ़कर कोई पुण्य कार्य नहीं हो सकता। पूर्व सरपंच पप्पू काठात और उनके परिवार के इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्राम मांडावास के नागरिकों ने परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि ऐसे कार्यों से सामाजिक चेतना को बल मिलेगा तथा विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

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