संसद में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया X पर यूथ कांग्रेस मेंबर्स के खिलाफ एक्शन पर राहुल ने PM की आलोचना की। उन्होंने अपनी पार्टी के यूथ विंग के सदस्यों के खिलाफ शर्टलेस प्रोटेस्ट को लेकर पुलिस एक्शन पर कमेंट किया। उन्होंने कहा कि प्राइम मिनिस्टर नरेंद्र मोदी की सरकार और नॉर्थ कोरिया के तानाशाही शासन एक जैसा है। उन्होंने कहा कि ये इंडिया है, नॉर्थ कोरिया नहीं। राहुल ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट डेमोक्रेसी की आत्मा है। यह कोई अपराध नहीं है। राहुल ने पूछा… जब आदिवासी अपने जल, जंगल, जमीन के हक के लिए खड़े हुए, तो उन पर भी शक की नजर डाली गई। यह कैसा लोकतंत्र है, जहां PM सवालों से डरते है? जहां असहमति को कुचलना शासन का स्वभाव बनता जा रहा है? दरअसल, दिल्ली में आयोजित AI समिट के दौरान यूथ कांग्रेस मेंबर्स ने शर्ट उतार कर प्रोटेस्ट किया था। इस संबंध में दिल्ली पुलिस 3 सदस्यों को गिरफ्तार करने शिमला पहुंची थी। इसके बाद हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस को उन्हें ले जाने से रोक लिया था। राहुल ने ये बातें गिरफ्तार तीन यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दिल्ली वापस लाने की इजाजत मिलने के बाद कही। राहुल ने अपनी पोस्ट में और क्या कहा… अब समझिए हिमाचल में क्या हुआ… दिल्ली में AI समिट में अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में 3 यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी को लेकर बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस में टकराव हो गया। दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के 3 नेताओं को गिरफ्तार किया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते में रोक लिया और दिल्ली नहीं ले जाने दिया। हिमाचल पुलिस का तर्क था कि इस बारे में दिल्ली पुलिस ने कोई औपचारिक सूचना नहीं दी। हिमाचल में सादे कपड़ों में आकर मेहमानों को उठाया गया। कोर्ट में सुनवाई के दौरान भी दोनों पुलिस में बहस होती रही। इसके बाद जज ने फाइल तैयार करने को कहा तो दिल्ली पुलिस फिर बिना कागजी कार्रवाई के तीनों नेताओं को ले गई। इसका पता चलते ही हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोक लिया। इसके बाद तीनों नेताओं को कोर्ट में पेश कर दिल्ली पुलिस ने ट्रांजिट रिमांड पर लिया। करीब 18 घंटे तक दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच ड्रामा चलता रहा। फिर गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस तीनों नेताओं को लेकर चली गई। पूरी खबर पढ़ें…


