अरावली विरासत जन अभियान के तहत अरावली संरक्षण यात्रा अपने 32वें दिन कोटपूतली पहुंची। यात्रा ने यहां सीमेंट प्लांट और खनन से प्रभावित ग्रामीणों और धरनों पर बैठे लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। यात्रा दल ने सीमेंट प्लांट के खिलाफ चल रहे धरने, कांसली-शुक्लावास सड़क बचाओ धरने और पवाना अहीर में खनन त्रासदी झेल रहे ग्रामीणों से बातचीत की। इसके अलावा, कस्तूरबा गांधी महिला छात्रावास की बालिकाओं से भी मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। एक साथ आवाज उठाने पर मिलेगी सफलता यात्रा संयोजक नीलम आलूवालिया, आदिवासी समन्वय मंच के संस्थापक अशोक चौधरी (गुजरात), कैलाश मीना, साधना मीना और आदिवासी एकता परिषद बांसवाड़ा की कुसुम रावत सहित कई प्रमुख लोग मौजूद रहे। नीलम आलूवालिया और अशोक चौधरी ने कहा कि पूंजीपतियों के खिलाफ चल रहे अलग-अलग धरना प्रदर्शनों को तभी सफलता मिलेगी, जब सभी लोग एक साथ एक मंच पर आकर अपनी आवाज उठाएंगे। उन्होंने खनन की लूटपाट के खिलाफ संगठित होकर लड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। यात्रा के दौरान यह भी सामने आया कि जोधपुरा संघर्ष समिति का धरना 1175वें दिन भी जारी रहा, जबकि कांसली-शुक्लावास सड़क बचाओ धरना अपने 55वें दिन में प्रवेश कर गया है। अरावली बचाने की मुहिम में भागीदारी का आह्वान किया देहरादून से आए कठपुतली कलाकार रामपाल भाट ने कठपुतली का खेल दिखाकर कंपनी की गतिविधियों को उजागर किया और अरावली बचाने की मुहिम में सबकी भागीदारी का आह्वान किया। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता राधेश्याम शुक्लावास ने किया, जिसमें सचिव कैलाश यादव सहित बड़ी संख्या में धरनार्थी उपस्थित रहे।


