छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में SSP ने होली पर्व से पहले गुंडा-बदमाशों की परेड ली। जिले के कई थाना क्षेत्रों से निगरानी व आदतन बदमाशों को एसपी कार्यालय में लाईन से खड़े कर चेतावानी दिया गया कि सावधान हो जाए और अपराधो से तौबा कर ले, नहीं तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं उन्हें अपराध को छोड़कर मुख्यधारा से जुड़ने की समझाईश दी गई। शहर के करीब 70 से अधिक निगरानी बदमाशों, गुंडा तत्वों, सजायाफ्ता व संदिग्ध प्रवृत्ति के लोगों को पुलिस कार्यालय में तलब कर उन्हें अपराध छोड़कर सामान्य जीवन जीने की सख्त समझाईश दी। SSP शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सभी चिन्हित बदमाश अपराधों से तौबा कर लें और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन बिताएं अन्यथा किसी भी प्रकार की शिकायत या आपराधिक गतिविधि सामने आने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस सुधार का अवसर दे रही है और इस अवसर का लाभ उठाकर वे अपने भविष्य को बेहतर बना सकते हैं, लेकिन यदि कोई व्यक्ति पुनः अपराध में लिप्त पाया गया तो पुलिस द्वारा कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोजगार दिलाने में भी मदद करेंगे
SSP ने यह भी आश्वस्त किया कि जो व्यक्ति नशा छोड़ना चाहते हैं, उन्हें समाज कल्याण विभाग और पुनर्वास केंद्रों के माध्यम से आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं रोजगार की समस्या से जूझ रहे व्यक्तियों को उनकी योग्यता व क्षमता के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन से समन्वय कर सहायता प्रदान की जाएगी। ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें। इस दौरान कुछ ऐसे व्यक्तियों ने भी जानकारी दी कि उनके खिलाफ लंबे समय से कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है, जिस पर SSP ने थाना प्रभारियों को उनके अभिलेखों का सत्यापन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
नियमों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई
SSP शशि मोहन सिंह ने सभी निगरानी व आदतन बदमाशों को चेतावनी दी कि वे किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, गुंडागर्दी, छेड़खानी या कानून का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ विधि सम्मत कड़ी कार्रवाई कर न्यायालय के माध्यम से दंड दिलाया जाएगा। इस अवसर पर उन्होंने बदमाशों को उनके पूर्व में किए गए अपराधों का पश्चाताप करने और अपराध छोड़कर पुलिस के मददगार बनाने को कहा। इस दौरान कई लोगों ने अपराधों से दूर रहने की बात कही।


