बूंदी कलेक्टर अक्षय गोदारा ने गुरुवार को जिला स्तरीय बंधक श्रमिक सतर्कता समिति की बैठक ली। उन्होंने बाल श्रम की रोकथाम और श्रमिकों के कल्याण के लिए विभिन्न विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम से जुड़ी किसी भी शिकायत पर बिना देरी किए नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। बंधुआ मजदूरी पर अंकुश लगाने के लिए जिला कलेक्टर ने ईंट-भट्टों, रेस्टोरेंट और कारखानों में निरोधात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग आपसी तालमेल से हर सप्ताह विभिन्न कार्यस्थलों का औचक निरीक्षण करें। इसके साथ ही बाल श्रम रोकने के लिए सरकार द्वारा जारी एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) का विभागों और संस्थानों में सख्ती से पालन सुनिश्चित करवाया जाए। जिला कलेक्टर ने टास्क फोर्स को निर्देश दिए कि शादी समारोहों, होटल, ढाबों, कैटरिंग और बैंड-बाजों आदि में नियोजित बाल श्रमिकों को तुरंत चिह्नित किया जाए और संयुक्त रूप से कार्रवाई अमल में लाई जाए। श्रमिकों के कल्याण पर जोर देते हुए जिला कलेक्टर ने निर्देश दिए कि सभी श्रम स्थलों पर काम कर रहे मजदूरों के श्रम कार्ड अनिवार्य रूप से बनाए जाएं। उन्होंने ‘जी राम जी’ साइटों पर काम कर रहे श्रमिकों के लिए शिविर लगाने को भी कहा। इसका उद्देश्य इन श्रमिकों को केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न श्रम कल्याण योजनाओं का सीधा लाभ दिलाना है। बैठक में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष सीमा पोद्दार, बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक हुकम चंद जाजोरिया, शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक धनराज मीणा और श्रम कल्याण अधिकारी अंकिता महर्षि सहित कई संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


