झालावाड़ पुलिस ने देश में पहली बार संगठित और बड़े स्तर पर हो रहे साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत करोड़ों रुपए की अवैध संपत्ति कुर्क की जाएगी और अब तक 51 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस द्वारा कुर्क की जाने वाली संपत्तियों में 22 आलीशान मकान, 3 निर्माणाधीन मकान, 8 प्लॉट, 2 कृषि भूमि, 1 दुकान, 16 कारें, 1 ट्रैक्टर, 18 बाइक और 1 सीएनसी फैक्ट्री शामिल हैं। इन संपत्तियों को कुर्क करने के लिए न्यायालय में आवेदन किया गया है। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि आरोपियों ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं को निशाना बनाया था। सरकारी राजकोष से हो रहे इस बड़े आर्थिक अपराध का पर्दाफाश करने के लिए झालावाड़ पुलिस ने 22 अक्टूबर 2025 को ‘ऑपरेशन शटरडाउन’ शुरू किया था। अनुसंधान अधिकारी डिप्टी भवानीमंडी प्रेम कुमार के पास पर्याप्त अभिलेखीय और तकनीकी साक्ष्य हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर यह साबित होता है कि गिरफ्तार किए गए और आरोपित किए गए व्यक्तियों की चल-अचल संपत्तियां प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इसी आपराधिक गतिविधि से अर्जित की गई हैं, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 107 के तहत कुर्क किए जाने योग्य हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 107 मुख्य रूप से अपराध से अर्जित संपत्ति की कुर्की और जब्ती से संबंधित है। यह नया कानून पुलिस को अपराधियों की आर्थिक कमर तोड़ने का अधिकार देता है। यदि किसी पुलिस अधिकारी को जांच के दौरान यह विश्वास होता है कि कोई संपत्ति आपराधिक गतिविधि से अर्जित की गई है, तो वह पुलिस अधीक्षक की अनुमति से उसे कुर्क करने के लिए संबंधित न्यायालय में आवेदन कर सकता है। पुलिस ने संपत्ति कुर्की के लिए 25 फरवरी को न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया था। ‘ऑपरेशन शटरडाउन’ के तहत झालावाड़ पुलिस ने केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जन कल्याणकारी योजनाओं में सेंध लगाकर सरकारी सिस्टम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है।


