कोटपूतली-बहरोड़ में पानी सप्लाई को लेकर जिला कलेक्टर की बैठक:डीसी प्रियंका गोस्वामी ने दिए खराब ट्यूबवेल और टंकियों के जांच के आदेश, गर्मियों से पहले ठीक कराने के निर्देश

कोटपूतली में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन की मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिला कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने की। इसमें जल जीवन मिशन कार्यक्रम के तहत जिले में संचालित पेयजल परियोजनाओं की प्रगति, जल सेवा आकलन, हर घर जल लक्ष्य और आगामी ग्रीष्मकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई। खराब ट्यूबवेल, टंकियों के जांच के आदेश आगामी ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए, जिला कलेक्टर ने खराब ट्यूबवेल, जल टंकियों में लीकेज और पम्पसेट आदि की जांच के लिए सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि आमजन को निर्बाध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पहले पूरी कर ली जाएं। मोटर पंप, पाइपलाइन के काम जल्द पूरा करने के निर्देश बैठक में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पानी के टैंकरों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जिला कलेक्टर ने महत्वपूर्ण परियोजनाओं में बचे हुए पाइपलाइन कार्यों को जल्द पूरा करने और मोटर पम्पों की मरम्मत के प्रस्ताव तत्काल भेजने को कहा। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब पम्पसेटों को फिर से चालू करने के लिए ग्राम पंचायत और विधायक निधि का उपयोग करने का सुझाव दिया गया। इसके अलावा, बैठक में हर घर जल प्रमाण पत्र, राजकीय विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में पेयजल उपलब्धता, नल जल मित्रों की स्थिति, लंबित परियोजनाओं और निविदा प्रक्रिया जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ। जिला कलेक्टर ने जल जीवन मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पाइपलाइन बिछाने से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से दुरुस्त कराने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को जल्द सर्वे कराने के आदेश जिला कलेक्टर ने शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सर्वे कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेयजल पाइपलाइन सीवरेज, नाले या जल भराव वाले गंदी जगहों से होकर नहीं गुजरनी चाहिए, ताकि लीकेज होने पर पानी दूषित न हो। उन्होंने कहा कि आमजन के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, ऐसी जगहों को चिह्नित कर तुरंत पाइपलाइन बदलने की कार्रवाई की जाए। बैठक में समर कंटिंजेंसी, सुजलाम आईडी, वाटर रिचार्ज ढांचा, एफएचटीसी की प्रगति और हर घर जल प्रमाणीकरण पर भी चर्चा की गई।

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