हरियाणा पुलिस और सोशल मीडिया की मदद से साढ़े दस साल से बिछड़ी एक बच्ची को उसके माता-पिता से मिलवाया गया है। यह बच्ची फतेहगढ़ साहिब में मिली थी और उसके माता-पिता बिहार के पूर्णिया जिले के रहने वाले हैं। हरियाणा स्टेट क्राइम ब्रांच एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग, पंचकूला के सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार सितंबर 2025 में एक गुमशुदा बच्चे को उसके परिवार से मिलवाने के लिए बाल भलाई समिति फतेहगढ़ साहिब पहुंचे थे। वहां उन्हें जालंधर स्थित नारी निकेतन में रह रही एक बच्ची के बारे में पता चला, जिसके माता-पिता का कोई सुराग नहीं मिल रहा था। सब इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बच्ची से बात की। बच्ची ने बताया कि वह बिहार के पूर्णिया जिले की रहने वाली है और उसे अपने माता-पिता के नाम याद हैं। इस जानकारी के बाद उन्होंने बच्ची की तस्वीर और वीडियो अपने सोशल मीडिया पेज पर साझा की, जो तेजी से वायरल हो गई। अब 17 साल की हो गई नाबालिग यह वीडियो बच्ची की मौसी की बेटी तक पहुंची, जिसने तत्काल परिवार से संपर्क किया। इसके बाद मामले की पुष्टि की गई और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर बच्ची को उसके माता-पिता से मिलवाया गया। यह मिलन लगभग 1700 किलोमीटर की दूरी के बाद संभव हो पाया। करीब साढ़े दस साल बाद बच्ची अपने माता-पिता से मिली। वह लगभग 7 साल की उम्र में लापता हो गई थी और अब उसकी उम्र साढ़े 17 साल है। वर्ष 2015 में उसके माता-पिता ने पुलिस में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी।


