रामचरित मानस युवा शक्ति चेतना और पुरुषार्थ का महान ग्रंथ है

भास्कर न्यूज | बालोद महाप्रभु वल्लभाचार्य के प्राकट्य स्थली चंपेश्वर महादेव पुण्यतीर्थ चंपारण में प्रदेश स्तरीय मानस कथा युवा व्याख्या प्रतियोगिता हुई। जिसमें 15 जिले के 66 प्रतिभागियों ने भाग लिया। समापन सत्र एवं पुरस्कार वितरण समारोह के मुख्य अतिथि तुलसी मानस प्रतिष्ठान के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश देशमुख ने युवा कथाकारों से कहा कि रामचरितमानस युवा शक्ति चेतना और पुरुषार्थ का महान ग्रंथ है। रामचरितमानस महाकाव्य के चरित्र नायक श्रीराम स्वयं युवा है। उन्होंने कहा कि अवध की प्राचीर को चीरकर एक युवा शक्ति श्रीराम के रूप में निकले, फिर लक्ष्मण और महाशक्ति भगवती सीता युवा शक्ति के रूप में राम के साथ दंडकारण्य की यात्रा की। जहां राम ने निसिचर हीन करहुं महि भुज उठाई पन कीन्ह कर वैश्विक आतंकवाद को समूल नाश करने की घोषणा की। रामचरितमानस में हनुमान जैसे कई युवा हैं उन्हें अतुलित बल धाम और ज्ञानियों के अग्रगण्य कहा गया है। युवा वायु के पर्याय है, वायु हमारे प्राण शक्ति है। युवा भारतीय दर्शन संस्कृति के प्राण हैं, जिनके बिना संस्कृति समृद्ध नहीं हो सकती। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष दीप्ति पांडे, महासचिव राजेंद्र ठाकुर, कोषाध्यक्ष छगन यादव, अर्जुनपुरी गोस्वामी, मुन्नालाल देवदास, दीपक गुहा, लिलार सिन्हा, पुष्पा मिश्रा, लोकेश गायकवाड़ ने विजेताओं को पुरस्कृत किया। प्रथम संदीप ठाकुर और द्वितीय शेषनारायण रहे युवा कथाकार में सर्वश्रेष्ठ में युवराज सिन्हा धमतरी, प्रथम संदीप ठाकुर दुर्ग, द्वितीय शेषनारायण साहू दुर्ग, तृतीय पुरस्कार हितेंद्र साहू बालोद को पुरस्कार दिया गया। सोमेश्वर गंजीर कांकेर, ओंकार पटेल रायपुर, पोषण साहू रायपुर, तुकेश्वर चक्रधारी महासमुंद, कृष्ण कुमार बालोद, जागेन्द्र साहू बालोद, सोनिया साहू महासमुंद, किशन पाठक कवर्धा, ललित धीवर बेमेतरा, कोमल प्रसाद रायपुर, महेंद्र साहू बालोद प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।

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