जयपुर में ऑटो और ई-रिक्शा में सफर करने वाली सवारियों से पर्स और गहने चोरी करने वाली एक शातिर गैंग का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने गिरोह की तीन महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है, जो पहले भी शहर में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। पुलिस ने अंजना उर्फ पंखुड़ी पत्नी अर्जुन कांग्या, अल्पा बेन सोलंकी उर्फ अल्पी पत्नी सागर सोलंकी, शारदा उर्फ पूजा पत्नी महेश सोलंकी, कांग्या अर्जुन विनोद पुत्र विनोद कांग्या, (सभी मूल निवासी भावनगर, गुजरात; वर्तमान में जयपुर में किराएदार) को मामले में गिरफ्तार किया है। डीसीपी करण शर्मा ने बताया कि कोतवाली थाना क्षेत्र में दर्ज एक मामले की जांच के दौरान यह कार्रवाई की गई। ऐसे हुई वारदात परिवादी रामनिवास सोनी ने रिपोर्ट देकर बताया कि वह करधनी से अपने भतीजे विष्णु सोनी से प्राप्त करीब 90 ग्राम सोने के आभूषण (हार और दो टॉप्स) एक थैले में लेकर दूध मंडी से ऑटो में बैठकर चांदपोल जा रहा था। रास्ते में ऑटो में कुछ महिलाएं सवार हो गई और बातों में उलझाकर उसे भ्रमित किया। जब ऑटो से उतरकर वह चांदपोल हनुमान मंदिर के पास पहुंचा, तब जांच करने पर थैले से सोने के गहने गायब मिले। वारदात का तरीका गिरफ्तार आरोपी गैंग बनाकर ऑटो/ई-रिक्शा में सवार होते थे। यात्रियों को बातचीत में उलझाकर उनके बैग पर चुन्नी या कपड़ा डाल देते और चुपचाप चेन खोलकर अंदर रखे पर्स और गहने निकाल लेते थे। चोरी के बाद वे तुरंत ऑटो रुकवाकर फरार हो जाते थे। मामला दर्ज होने के बाद थानाधिकारी राजेश गौतम के नेतृत्व में टीम गठित की गई। जिसके बाद पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तकनीकी सूचनाओं और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद शातिर गिरोह को गिरफ्तार करने में सफलता मिली। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी गए माल की बरामदगी के प्रयास कर रही है। साथ ही इनके पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ में और भी वारदातों का खुलासा हो सकता है।


