भास्कर न्यूज | एडू खरसिया-धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग पर मांड नदी में बने जर्जर पुल को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित होने के बाद शासन-प्रशासन सक्रिय हो गया है। पुल की मरम्मत के लिए 84 लाख रुपए का फंड स्वीकृत कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार मार्च तक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू होने की संभावना है। यह पुल छाल क्षेत्र में खुली खदान शुरू होने के बाद भारी कोयला परिवहन को ध्यान में रखते हुए एसईसीएल ने सीएसआर मद से अप्रैल 2010 में बनवाया था। करीब 15 वर्षों में लगातार भारी वाहनों के दबाव से पुल की स्थिति जर्जर हो गई थी। रेलिंग और सतह में दरारें आने से हादसे की आशंका बनी हुई थी। भास्कर में मामला प्रमुखता से उठाए जाने के बाद एसईसीएल के सिविल विभाग ने मौके का जायजा लिया। विभागीय सूत्रों के अनुसार पुल की मरम्मत के लिए 84 लाख रुपए की स्वीकृति मिल चुकी है। टेंडर प्रक्रिया मार्च तक पूरी कर काम शुरू करने की तैयारी है। पुल की सतह पर गड्ढे, किनारों की रेलिंग में क्षति और कंक्रीट में दरारें साफ दिखाई दे रही थीं। बरसात के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती थी, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। समस्या उठाए जाने के बाद संबंधित विभाग सक्रिय हुआ और तकनीकी निरीक्षण के बाद मरम्मत के लिए राशि स्वीकृत की गई। मांड नदी पर बना यह पुल रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। यह मार्ग बिलासपुर से जशपुर होते हुए झारखंड और बिलासपुर से अंबिकापुर होते हुए उत्तर प्रदेश को जोड़ता है। एसईसीएल की खदानों से निकलने वाले भारी वाहन भी इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे पुल पर लगातार दबाव रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि समय रहते मरम्मत शुरू होना जरूरी है, ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। अब फंड स्वीकृत होने के बाद लोगों को उम्मीद है कि पुल की हालत सुधरेगी और आवागमन सुरक्षित होगा।


