भास्कर न्यूज | जालंधर जिला जालंधर में घरों- सरकारी दफ्तरों-अस्पतालों-फैक्ट्रियों व धार्मिक स्थानों पर लगे सोलर पैनलों की बिजली जेनरेशन कैपेसिटी 35 मेगावाट पहुंच गई हैं। ये पैनल साल में 52.5 मिलियन यूनिट बिजली साल में पैदा करते हैं। अगर इतनी बिजली थर्मल प्लांट में पैदा की जाए तो एक साल में 34,125 किलो कोयले की खपत होती। वातावरण में इस कोयले के भार की बचत जालंधर के लोग कर रहे हैं। लेकिन अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। दोआबा के 4 जिलों में जालंधर के अलावा होशियारपुर की 22 मेगावाट, शहीद भगत सिंह नगर की 12 मेगावाट और कपूरथला में 18 मेगावाट सोलर पैनलों की जेनरेशन कैपेसिटी है। वीरवार को जालंधर ऑटो पार्ट्स मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन ने सौर ऊर्जा अपनाने के संबंध में जागरुकता सेमिनार आयोजित किया। इस दौरान माहिरों ने बताया कि फैक्ट्रियों में अगर सोलर पैनल लगाए जाएं तो रोजाना बिजली बिल के खर्च में भारी कटौती की जा सकता है। पावरकॉम की नेट मीटरिंग योजना के तहत सोलर पैनलों से पैदा बिजली जितनी रकम बिल में से माइनस कर दी जाती है। इस दौरान पावरकॉम के नार्थ जोन चीफ इंजीनियर देस राज बांगड़ चीफ गेस्ट रहे जबकि जालंधर सर्किल के हैड डिप्टी चीफ इंजीनियर गुलशन चुटानी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल रहे। एसोसिएशन के प्रेसिडेंट संजीव जुनेजा, सोलर पावर सेक्टर के माहिर राजेश खोसला तथा सिमरजीत सिंह ने विचार रखे। चीफ इंजीनियर देस राज बांगर , विशिष्ट अतिथि गुलशन चोटानी के अलावा एसोसिएशन चेयरमैन बलराम कपूर ने कहा कि आधुनिक दौर में सोलर जेनरेशन को अपनाना हर इंसान का नैतिक फर्ज है। बिजली के थर्मल प्लांट हर साल करोड़ों टन कोयला खपत करते हैं। अखिरकार कोयले के भंडार खत्म हो जाएंगे। फिर क्या होगा? ऐसे में एनर्जी की नई तकनीक को अपनाना जरूरी है। बैठक में उपस्थित सदस्यों में पावरकॉम के कार्यकारी इंजीनियर सनी भागरा, मनीष क्वात्रा, अखिल कपूर, जसजीत सिंह बेदी, विनय लूथरा, नकुल गुप्ता, धमेंद्र मेहता, अमीर सिंह सग्गू, गौरव चोपड़ा, विशाल गौतम, अतिन चोपड़ा, अक्षित गुप्ता, अमिताभ अग्रवाल, अविनाश भल्ला, दिनेश महाजन, पलविंदर जुनेजा, राकेश शर्मा, रुपिंदर नंदा, विपिन ठाकुर, रोहित अग्रवाल, अजय शर्मा, अंकुश मोंगा, संदीप अग्रवाल, ऋषभ अग्रवाल, संजय मेहता, मयंक मेहता और अन्य शामिल रहे।


