प्रदेश के 80491 शिक्षकों को टीईटी में पास होना जरूरी होगा

एजुकेशन रिपोर्टर| भिलाई प्रदेश के 80 हजार से ज्यादा शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) उत्तीर्ण करना अब अनिवार्य होगा। यह जानकारी विधानसभा में​ विधायक द्वारिकाधीश यादव के एक अतारांकित प्रश्न के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने दी। विधायक के प्रश्न के जवाब में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में शासन से नियुक्त और वर्तमान में सेवाएं दे रहे कुल 80,491 शिक्षकों को नियमानुसार टीईटी पास करना अनिवार्य है। इससे साफ हो गया है कि सरकार शिक्षकों की नियुक्ति और सेवा शर्तों में टीईटी को एक जरूरी योग्यता मान रही है। शिक्षा मंत्री ने बताया है कि टीईटी से जुड़े नियमों के संबंध में सरकार ने अदालत में किसी भी प्रकार का कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया है। इस विषय में आगे कोई प्रस्तावित कदम उठाने का सवाल ही नहीं बनता। प्रदेश में टीईटी की शुरुआत वर्ष 2011 में हुई थी। ऐसे में विधायक ने जानना चाहा कि 2011 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए क्या कोई विशेष नीति या निर्देशिका बनाई गई है? क्या उनके लिए अनिवार्यता या पदोन्नति के नियमों में कोई शिथिलता दी गई है? इस पर मंत्री ने कहा कि इस संबंध में कोई अलग जानकारी उपलब्ध नहीं है और ऐसा कोई प्रश्न ही नहीं उठता। छत्तीसगढ़ शासन के अन्य विभागों में नियुक्ति के बाद किसी प्रकार की योग्यता परीक्षा अनिवार्यता के संबंध में मंत्री ने जानकारी निरंक बताते हुए स्पष्ट किया कि ऐसी कोई व्यवस्था अन्य विभागों में नहीं है। शालेय शिक्षक संघ के प्रांतीय महासचिव धर्मेश शर्मा और सत्येंद्र सिंह ने नियम पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इसे पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू न किया जाए। सरकार सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करे।

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