भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले को क्षय रोग (टीबी) की जड़ से मुक्ति दिलाने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। जिला मुख्यालय में आयोजित टीबी मुक्त पंचायत सत्यापन समिति की बैठक में यह जानकारी साझा की गई कि महासमुंद की 305 ग्राम पंचायतें अब तक टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले के स्वास्थ्य रोडमैप पर चर्चा की गई। डॉ. राव ने स्पष्ट किया कि टीबी उन्मूलन केवल अस्पताल तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए गांव स्तर पर समय पर पहचान, सटीक जांच और पूर्ण उपचार का त्रिकोण अपनाना अनिवार्य है। जिले में जल्द ही 100 दिनों का सघन टीबी अभियान शुरू किया जाएगा, ताकि शेष पंचायतों को भी जल्द से जल्द संक्रमण मुक्त किया जा सके। बैठक में सीबी-नॉट टेस्ट और एक्स-रे जांच की सुविधा को तेज करने के निर्देश दिए गए। जिला कार्यक्रम प्रबंधक नीलू घृतलहरे ने बताया कि शेष पंचायतों के लिए सभी विभाग मिलकर एक साझा कार्ययोजना पर काम कर रहे हैं। बैठक में आईएमए अध्यक्ष डॉ. एच. बी. कलिकोटी, सचिव डॉ. हरजोत सिंह गुरुदत्ता, मेडिकल कॉलेज से डॉ. आशीष बघेल, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चंद्राकर सहित नर्सिंग होम एक्ट के नोडल अधिकारी और जिला अस्पताल के आरएमओ मौजूद रहे। सीएमएचओ डॉ. आई. नागेश्वर राव का कहना है कि जब हर पंचायत स्वस्थ होगी, तभी जिला टीबी मुक्त बनेगा। हमारा लक्ष्य हर संदिग्ध मरीज तक समय पर पहुंचकर उसे पूर्ण इलाज उपलब्ध कराना है।


