सिटी रिपोर्टर| दुर्ग भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) ने 25 फरवरी को कलेक्टोरेट के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद पीएम और सीएम के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। जिसमें श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की गई। बता दें कि 21 वें अखिल भारतीय त्रिवार्षिक तीन दिवसीय अधिवेशन 6, 7, 8 फरवरी को पुरी उड़ीसा में हुई थी। जिसमें संगठन से जुड़े देशभर के प्रतिनिधि शामिल हुए और श्रमिकों से संबंधित ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा की। इस अधिवेशन से पहले संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री से मुलाकात की थी तथा अनेक मांगों का एक ज्ञापन पत्र सौंपा था। उस वक्त मंत्री ने प्रतिनिधि मंडल को भरोसा दिलाया था कि बैठक में उठाए गए मुद्दों की जांच कर जल्द समाधान किया जाएगा परंतु कोई समाधान नहीं होने की स्थिति में 25 फरवरी को पूरे देश में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। इसी के तहत दुर्ग में बीएमएस ने प्रदर्शन बाद जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। बीएमएस की केंद्र से ये है मांगे सभी सेक्टर तथा सभी श्रमिकों के लिए, श्रम कानूनों को बिना किसी छूट के एक साथ लागू की जाए। ईपीएस -95 में न्यूनतम पेंशन 1000 मासिक से बढ़कर 7500 रुपए मासिक महंगाई भत्ते के राहत के साथ लागू की जाए। ईपीएफ में अनिवार्य अंशदान के लिए वर्तमान वेतन सीमा 15 हजार रुपए प्रतिमाह से बढ़कर 30 हजार प्रतिमाह की जाए। इसी तरह वर्तमान में ईएसआईसी के कवरेज के लिए मासिक वेतन सीमा वर्तमान में 21 हजार प्रति माह है, जिसे बढ़ाकर 42 हजार प्रति माह की जाए। बोनस भुगतान अधिनियम 1965 के तहत बोनस की पात्रता के लिए कैलकुलेशन की वर्तमान सीलिंग 70 हजार तथा एलिजिबिलिटी सीलिंग लिमिट 21 हजार रुपए प्रतिमाह की जाए। राज्य से यूनियन की ये है मांगे : सभी उद्योगों में कर्मचारी यूनियन के साथ वेतन समझौता किया जाए जैसा कि दुर्ग जिले के चार उद्योगों में है। छत्तीसगढ़ के सभी उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों को रात्रि पाली भत्ता, आवास भत्ता, वाहन भत्ता दिया जाए। ठेका श्रमिकों को वैतनिक साप्ताहिक अवकाश दिया जाए। औद्योगिक क्षेत्र में बाहर से आकर कार्य करने वाले कर्मचारियों के लिए उद्योग विभाग द्वारा हॉस्टल बनाया जाए। ई रिक्शा चालकों के लिए रिक्शा स्टैंड एव चार्जिंग सुविधा उपलब्ध कराई जाए। निजी अस्पतालों में कार्यरत नर्सिंग स्टाफ एवं अस्पताल के स्टाफ के लिए वेतनमान लागू किया जाए। निजी अस्पतालों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए लंच टाइम एवं टी टाइम निर्धारित की जाए। निजी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक एवं सहायक कर्मचारियों को शासन द्वारा निर्धारित वेतनमान दिया जाए। रसमडा, छावनी भिलाई औद्योगिक क्षेत्र एवं ट्रांसपोर्ट नगर में ड्राइवर एवं उसके सहायक के लिए सर्व सुविधायुक्त रैन बसेरा का निर्माण किया जाए।


