अजमेर, जयपुर, टोंक जिले की प्यास बुझाने वाले बीसलपुर बांध का पानी ओवरफ्लो होने पर व्यर्थ नहीं बहेगा। पानी को श्रीनगर-मुहामी के बीच स्थित मोर सागर बांध का विस्तार कर इसमें एकत्रित किया जाएगा। यहां राज्य सरकार करीब 5 हजार करोड़ की लागत से मोर सागर बांध का विस्तार करने जा रही है। इसके लिए जल संसाधन विभाग की राजस्थान वाटर ग्रिड कॉरपोरेशन लिमिटेड की परियोजना क्रियान्वयन इकाई (आरडब्ल्यूजीसीएल पीआईयू अजमेर) ने सर्वे शुरू कर दिया है। बीसलपुर से मोर सागर तक पानी पहुंचाने के लिए अलाइनमेंट (पाइप लाइन) डालने की जगह भी तय हो चुकी है। बांध में करीब 200 मिलियन क्यूबिक मीटर यानी 20 हजार करोड़ लीटर पानी जमा किया जा सकता है। आने वाले सालों में मोर सागर बांध अजमेर और ब्यावर जिले के करीब 35 लाख लोगों को पानी की सप्लाई हो सकेगी। वहां के लोगों को 24 घंटे पानी मिलेगा। इस बांध से बीसलपुर पर निर्भरता कम होगी। बांध का काम दो साल में यानी वर्ष 2028 तक पूरा करना है। मोर सागर बांध में पांच अर्द्धल इंडेटमेंट (मिट्टी के पाल) बनेंगे। कैचमेंट में ड्रिलिंग का काम कर स्टार्टर देखा जा रहा है। बांध के क्षेत्र में वन विभाग की जमीन और निजी जमीन है। उनके अधिग्रहण का काम शुरू किया जा चुका है। आने वाले समय में यह पिकनिक स्पॉट बन सकता है। डेम के पाल के ऊपर रोड बनाई जाएगी। बांध से अजमेर जिले की करीब 31 लाख और ब्यावर जिले की 4 लाख जनता सहित करीब 35 लाख आबादी की प्यास बुझाई जाएगी। बीसलपुर से पानी टोरडी सागर बांध मालपुरा में पहुंचेगा। वहां पंप हाऊस बनेगा। वहां से पानी पाइप लाइन से लांबा हरिसिंह पहुंचेगा, यहां पंप हाऊस बनेगा और पानी तिहारी बांध पहुंचेगा। यहां भी पंप हाऊस से पानी को पाइपों के जरिए मोर सागर में पहुंचाया जाएगा।


