भास्कर न्यूज | जालंधर एक निजी अस्पताल के नजदीक हुई फायरिंग की घटना में पुलिस ने वारदात के पीछे पुरानी रंजिश के बारे में जानकारी दी है। दो गुटों के बीच पहले से चले आ रहे विवाद ने अस्पताल के बाहर हिंसक रूप ले लिया था और देखते ही देखते गोलियां चल गईं। घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई पिस्तौल कहां से लाई गई और क्या पहले भी किसी वारदात में इसका उपयोग हुआ है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले कालिया कॉलोनी में हुए एक झगड़े के दौरान एक युवक के सिर में ईंट लगने से चोट आई थी। वह उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती था। इसी मामले को लेकर दोनों पक्षों के युवक अस्पताल के आसपास आमने-सामने आ गए। कहासुनी जल्द ही मारपीट में बदल गई और दोनों गुटों के बीच जमकर हाथापाई हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक झड़प के दौरान लाठी-डंडे और लोहे के कड़े तक चले। हालात तब और बिगड़ गए जब एक पक्ष ने अपने साथी को मौके पर बुलाया। आरोप है कि पहुंचते ही उसने अवैध पिस्तौल निकालकर फायर कर दिया। गोली एक युवक की बाजू से होते हुए उसके पेट में जा लगी। घायल को तुरंत अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। फायरिंग के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और आरोपी धमकियां देते हुए फरार हो गए। सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर-1 की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने इस मामले में विष्णु, हिमांशु और अनमोल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 109, 351(2), 3 (5) तथा 25/27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।


