किशनगढ़ के अरांई थाना क्षेत्र में मजदूरी के पैसों के विवाद में हुई हत्या के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर सेशन कोर्ट (संख्या-एक) के न्यायाधीश संदीप आनंद ने आरोपी श्योराज उर्फ शिवराज को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और 25 हजार रुपेए जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला 2023 का है। श्योजी भील ने अरांई थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनके ससुर रामदेव भील देवपुरी गांव की जंगलात जमीन पर घायल हालत में मिले थे। मृत्यु से पहले रामदेव ने बताया था कि मजदूरी के पैसों के लेनदेन को लेकर महावीर और श्योराज ने उन पर सरिए से हमला किया था। गंभीर चोटों और ज्यादा खून बहने के कारण इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच पूरी की और 20 सितंबर 2023 को अदालत में आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक भागीरथ चौधरी ने गवाहों और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर अपनी बात रखी। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने श्योराज (32 वर्ष) को दोषी करार दिया। उसे 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई और 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं भरने पर आरोपी को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मृतक रामदेव के परिजनों को मुआवजा देने की अनुशंसा भी की है। अदालत ने माना कि आरोपी का कृत्य आपराधिक मानव वध की श्रेणी में आता है, जिससे परिवार को अपूरणीय क्षति हुई है।


