जाम में रोज फंसती हैं 1 लाख से ज्यादा गाड़ियां:तात्यापारा-शारदा चौक फ्लाईओवर से मिलेगी राहत लेकिन मकान हटाना व ट्रैफिक डायवर्ट करना चुनौती

राजधानी के सबसे व्यस्ततम इलाका और बॉटलनेक सड़क शारदा चौक से तात्यापारा चौक चौड़ीकरण की योजना एक बार फिर से चर्चा में है। चर्चा इसलिए, क्योंकि इसे बजट में शामिल करते हुए यहां फ्लाईओवर बनाने की घोषणा की गई है। तात्यापारा-शारदा चौक फ्लाईओवर से राहत मिलेगी, लेकिन मकान हटाना व ट्रैफिक डायवर्ट करना बड़ी चुनौती भी है। दरअसल, इस सड़क को चौड़ीकरण करने के लिए साल 2005-06 में पहली बार प्रस्ताव बना, लेकिन 20 साल बाद भी यह कार्य नहीं हो पाया। शारदा चौक से तात्यापारा रोड की चौड़ाई अभी 12 से 14 मीटर है। सबसे कम चौड़ाई फूल चौक के पास है। यहां पर सड़क महज 12 मीटर की है। यही बॉटल नेक है। इससे रोजाना इस सड़क से करीब एक लाख से ज्यादा गा​ड़ियां आना-जाना करती हैं। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की मानें तो बजट में मंजूरी मिलने के बाद शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए सर्वे की जाएगी। सर्वे के आधार पर ही परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार होगा। इसमें फ्लाई ओवर कहां से शुरू होगा, कहां उतरेगा, कितनी लंबाई होगी और इसकी जद में कितनी दुकानें या भवन आएंगे? इससे संबंधित जानकारी जुटाई जाएगी। इसी आधार पर यह तय किया जाएगा कि फ्लाईओवर टू-लेन का होगा या फोर-लेन का। अफसरों का कहना है कि यदि फ्लाईओवर टू-लेन का होगा तो निर्माण लागत 37 करोड़ आएगी। वहीं फोर-लेन होने पर करीब 60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। हालांकि यह ​प्रक्रिया सर्वे रिपोर्ट आने के बाद के ही शुरू होगी। सड़क की चौड़ाई 12 से 14 मीटर, फोर-लेन का फ्लाईओवर बनाने कम से कम 19 मीटर चौड़ाई जरूरी
भास्कर एक्सपर्ट – सुरेंद्र कुमार जैन, रिटायर्ड, पीडब्ल्यूडी अधिकारी के साथ श्रीशंकर शुक्ला की रिपोर्ट शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक प्रस्तावित फ्लाईओवर का निर्माण स्वागत योग्य कदम है। इसके बन जाने से आमजनों को बड़ी राहत मिलेगी और यहां ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी। लेकिन शहर के इस घनी बसाहट के बीच फ्लाईओवर का निर्माण किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसा इसलिए क्योंकि शारदा चौक से तात्यापारा चौक तक सड़क की चौड़ाई 12-14 मीटर की है। अगर फ्लाईओवर का निर्माण टू-लेन का किया जाएगा तो फुटपाथ सहित इसकी चौड़ाई 10.5 मीटर की होगी, लेकिन ट्रैफिक के लिहाज से यह सही नहीं होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि शहर की आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आने वाले कुछ सालों में फ्लाईओवर बनने के बाद भी समस्या वैसी ही होगी, जैसी अभी है। अगर फ्लाईओवर का निर्माण फोर-लेन का किया जाएगा तो इसकी चौड़ाई कम से कम 19 मीटर की रखनी होगी। क्योंकि दोनों ओर सड़क की चौड़ाई 7.50 मीटर होगी, बीच में डिवाइडर होगा और दोनों ओर फुटपाथ बनाया जाएगा। इस तरह से फिर से जमीन अधिग्रहण की समस्या निर्मित होगी, क्योंकि यह क्षेत्र घनी आबादी, पुराने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और संकरी गलियों से घिरा हुआ है। सड़क के दोनों ओर करीब 102 दुकान और मकान सालों से स्थापित हैं। सरकार को जमीन अधिग्रहण के लिए मुआवजा भी देना होगा और फ्लाईओवर निर्माण में भी बड़ी राशि खर्च होगी। इसी तरह एक और बड़ी समस्या यह होगी कि फ्लाईओवर को दोनों सिरे में कहां उतारा जाएगा। क्योंकि शारदा चौक से तात्यापारा चौक की दूरी 500 मीटर की है। फ्लाईओवर की लंबाई कम से कम 800 मीटर होगी। ऐसे में तात्यापारा की ओर तो कोई चुनौती नहीं होगी, लेकिन जय स्तंभ चौक की तरफ फ्लाईओवर कहां उतरेगा ये बड़ी परेशानी होगी। क्योंकि शारदा चौक से जयस्तंभ चौक की दूरी महज 150 मीटर की है। वहीं जय स्तंभ के ठीक आगे स्काईवाक खड़ा है। इसके साथ ही बाजार क्षेत्र में पिलर लगाने, सर्विस रोड बनाने और यूटिलिटी शिफ्टिंग (पानी, बिजली, सीवर, केबल) बड़ी चुनौती होगी।
जानिए…शारदा चौक से तात्यापारा सड़क चौड़ीकरण को लेकर अब तक क्या-क्या हुआ
24 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने तात्यापारा-शारदा चौक तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए बजट में घोषणा की है। हालांकि अभी तक तय नहीं हुआ है कि यह फ्लाईओवर कब तक बन पाएगा। जल्द शुरू होगी प्रकिया
तात्यापारा चौक और शारदा चौक तक फ्लाई ओवर का निर्माण किया जाएगा। सर्वे एजेंसी नियुक्त होगी। एजेंसी की रिपोर्ट से तय होगा कि कहां से कहां तक बनेगा, कितना लंबा होगा। इसके बाद डीपीआर बनाकर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। -कमलप्रीत सिंह, सचिव, पीडब्ल्यूडी

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