पाली नगर निगम का 361 करोड़ का बजट प्रस्तावित:इन्फ्रास्ट्रक्चर पर 42% खर्च का प्रावधान, 60 करोड़ की देनदारी बड़ी चुनौती

नगर निगम बनने के बाद पाली का दूसरा बजट 361 करोड़ रुपए का प्रस्तावित किया गया है। बोर्ड का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को समाप्त होने के कारण इसे अनुमोदन के लिए सीधे डीएलबी (निदेशालय स्थानीय निकाय) भेजा गया है। यह बजट वर्ष 2022-24 की तुलना में 24 करोड़ रुपए कम है। वर्तमान में नगर निगम पर करीब 60 करोड़ रुपए की देनदारी है, जिसे कम करना बड़ी चुनौती माना जा रहा है। आधारभूत संरचना पर सबसे ज्यादा जोर इस बार बजट में ड्रेनेज, सड़क और अन्य आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष फोकस किया गया है। इन कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का लगभग 42 प्रतिशत है। इसके अलावा कार्मिकों के वेतन और अन्य भुगतान पर करीब 20 प्रतिशत राशि खर्च होने का अनुमान है। बजट में विकास कार्यों को गति देने की स्पष्ट मंशा दिखाई गई है। बोर्ड भंग, प्रशासक के पास वित्तीय अधिकार नगर निगम बोर्ड का कार्यकाल 26 नवंबर 2024 को पूरा हो चुका है। इसके बाद से अब तक चुनाव नहीं हुए हैं। ऐसे में जिला कलेक्टर प्रशासक के रूप में निगम की वित्तीय और प्रशासनिक शक्तियों का उपयोग कर रहे हैं। राज्य सरकार ने 10 जुलाई 2024 को नगर निगम का गठन किया था, लेकिन कुछ ही महीनों में बोर्ड का कार्यकाल समाप्त हो गया। राजस्व बढ़ाना प्राथमिकता नगर निगम के सामने 60 करोड़ रुपए की देनदारी कम करना और आय बढ़ाना प्रमुख लक्ष्य है। बजट में राजस्व वृद्धि के लिए कई उपाय प्रस्तावित किए गए हैं। यूडी टैक्स से आय बढ़ाने की तैयारी इस वर्ष यूडी टैक्स से 1.40 करोड़ रुपए का लक्ष्य रखा गया है। पिछले वित्तीय वर्ष में अब तक 82 लाख रुपए की वसूली हो चुकी है। टैक्स संग्रह बढ़ने से केंद्र और राज्य सरकार से मिलने वाले अनुदान में भी सहूलियत होगी। भूमि नीलामी और पट्टों से आय की उम्मीद नगर निगम की आय बढ़ाने के लिए भूमि विक्रय और पट्टा वितरण पर भी जोर दिया गया है। वर्तमान में 2 हजार से अधिक पट्टों की फाइलें प्रक्रिया में हैं। व्यावसायिक पट्टों के अधिक जारी होने से आय में बढ़ोतरी की संभावना है। साथ ही भूमि नीलामी की प्रक्रिया को निरंतर जारी रखने की तैयारी है। स्थायी आय स्रोतों पर फोकस जरूरी निगम को आवर्ती (स्थायी) आय के साधनों को मजबूत करने पर भी ध्यान देना होगा, ताकि दैनिक खर्चों का सुचारू संचालन हो सके और भविष्य में वित्तीय दबाव कम हो। आयुक्त बोले – राजस्व और विकास पर रहेगा ध्यान नगर निगम आयुक्त नवीन भारद्वाज ने बताया – बजट को सरकार के अनुमोदन के लिए डीएलबी भेजा गया है। बजट में देनदारी कम करने, राजस्व बढ़ाने और विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त प्रावधान किए गए हैं।

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