शादी-जन्मदिन और एनिवर्सरी पर गिफ्ट में कोई आपको पौधा दे तो आप एक बार चौंक जाएंगे। बाद में यह जरूर मन में आएगा कि इससे बढ़िया उपहार हो नहीं सकता। बदलते समय के साथ आज कल रिटर्न गिफ्ट देने में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अब पेंटिंग-फ्लावर बुके आदि देने की जगह पौधे देने का चलन बढ़ गया है। इसके जरिये पर्यावरण बचाने का संदेश दिया जा रहा है। उदयपुर शहर में अक्षयवट नर्सरी चलाने वाले आकाश वैष्णव बताते हैं कि पौधे गिफ्ट में देने का चलन शादी या अन्य समारोह ही नहीं, कॉरपोरेट मीटिंग व इवेंट आदि में भी बढ़ा है। पहले इस तरह का कोई कॉन्सेप्ट नहीं था, लेकिन पिछले 3-4 साल से एकदम से रिटर्न गिफ्ट में पौधे देने की परंपरा बढ़ गई है। ये पौधे 250 से 1000 रुपए तक के होते है। ये आरे एयर प्यूरीफायर प्लांट्स है जो कि लंबे समय तक चलते हैं। अभी सालभर में उदयपुर की नर्सरियों से करीब 30 हजार पौधे गिफ्ट के लिए खरीदे जा रहे हैं। मेहमानों को मनी प्लांट देकर निमंत्रण दिया उदयपुर निवासी प्रयाग वैष्णव और बहिन मूमल की शादी इसी महीने में हुई है। उनके भाई बताते हैं कि शादी में लोग महंगे कार्ड छपवाते हैं और कुछ दिन बाद वे कचरे में फेंक दिए जाते हैं। कागज के लिए पेड़ों को काटा जाता है। इसलिए शादी में मेहमानों को मनी प्लांट देकर निमंत्रण देने का आइडिया आया। यह कचरे में फेंकने की जगह घर में सजेगा और पर्यावरण को भी फायदा होगा। बेटी के सूरज पूजन में मेहमानों को पौधे दिए नाथद्वारा की रहने वाली डॉक्टर लविना शर्मा ने अपनी बेटी तोषीनि शर्मा के सूरज पूजन में आने वाले मेहमानों को 156 पौधे रिटर्न गिफ्ट में दिए। इनमें चामीदोरा और अग्नोनेमा के पौधे थे। शर्मा बताती है कि पौधे लोग लाइफ के साथ साथ एक साकारात्मक वातावरण देते है। 2019 में खुद की शादी के कार्ड में नीम के बीज रखवाए थे। फाउंडेशन डे पर बांटे सिन्गोनियम के पौधे
उदयपुर में आईडीबीआई बैंक का 60वां फाउंडेशन डे था। इस मौके पर रिटर्न गिफ्ट में 500 प्लांट्स दिए गए। मैनेजर कैलाश मेनारिया बताते है कि रिटर्न गिफ्ट में मनी प्लांट और सिन्गोनियम के पौधे थे। बैंक पर्यावरण को लेकर हमेशा सजग रहा है। फ्लॉवर बुके की जगह अब बंबू प्लांट देते
हिंदुस्तान जिंक के हर कार्यक्रम में फ्लॉवर बुके की जगह अब बंबू प्लांट रिटर्न गिफ्ट के तौर पर दिए जा रहे है। एचआर हेड गरिमा कोठारी बताती है कि मीटिंग्स और कंपनी में होने वाले इवेंट में अब रिटर्न गिफ्ट में प्लांट्स ही दिए जा रहे है। इसके अलावा गरिमा कोठारी ने खुद की शादी में प्लास्टिक से बनी एक भी चीज का इस्तेमाल नहीं किया था। सरकारी कार्यक्रमों में भी पौधे दे रहे
आजकल सरकारी कार्यक्रमों में भी पौधे देकर मेहमानों का सम्मान किया जाता है। जयपुर से लेकर उदयपुर में हो रहे कार्यक्रमों में ऐसी तस्वीरें दिखने को मिल रही है।


