शहर में 60 फीट चौड़ी सड़क के लिए प्रशासन ने 80 मकानों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है। प्रस्तावित रोड प्रोजेक्ट से ट्रैफिक जाम की समस्या कम होने की उम्मीद है, लेकिन इससे दर्जनों परिवारों के सामने छत बचाने का संकट खड़ा हो गया है। 60 फीट रोड निर्माण के लिए 80 मकानों को तोड़ने का नोटिस जारी हुआ है। वर्षों से चली आ रही जलभराव की समस्या समाप्त हो जाएगी। इसके लिए गोलपुरा रोड (बाएं हाथ की ओर) स्थित अवैध निर्माणों और अतिक्रमणों को हटाने के लिए औपचारिक नोटिस जारी कर दिए हैं।
नगर निगम के जेईएन लवकुश धाकड़ के अनुसार कई मकानों, दुकानों, मंदिरों और कार्यालयों को अतिक्रमण की श्रेणी में चिन्हित किया गया है। प्रभावित लोगों को नोटिस प्राप्ति के 15 दिनों में स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। पूरनदेई ने कहा- आशियाना छिनेगा पूरनदेई की आंखों में बेबसी साफ झलकती है। वे कहती हैं कि उनके दो बेटे सुबह से देर शाम तक हलवाई का काम करते हैं, तब कहीं जाकर घर का चूल्हा जल पाता है। अब जब सिर से छत छिन रही है, तो उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर कल की सुबह कहाँ होगी और गृहस्थी का सामान कहाँ सिमटेगा। मानसिंह ने कहा- पंक्चर दुकान गई तो कैसे पलेगा परिवार मानसिंह ने बताया कि नोटिस मिलते ही उन्होंने अपने बेटे-बहू के साथ मिलकर अपना मकान तोड़ना शुरू कर दिया है ताकि प्रशासन की कार्रवाई में और ज्यादा नुकसान न हो। मानसिंह गाड़ियों के पंक्चर लगाकर अपने परिवार का पेट पालते हैं, लेकिन अब दुकान और घर दोनों एक साथ खत्म होने की कगार पर हैं। कुंती शर्मा बताती हैं कि उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर एक-एक पाई जोड़ी थी ताकि बच्चों के सिर पर सुरक्षित छत हो सके। एक हिस्से में दुकान चलाकर अपने परिवार का पेट पाल रही हैं। वर्षों पुराने जलभराव से मिलेगी मुक्ति, पहले वीडीए नाला बनाएगा, फिर बनेगी सड़क नगर निगम के एक्सईएन भरत कुमार ने बताया कि इस क्षतिग्रस्त रोड को 60 फीट चौड़ा करके सड़क बनाने से पहले दोनों ओर के अतिक्रमण हटाए जाएंगे। अतिक्रमण हटाने के बाद पहले चरण में भरतपुर विकास प्राधिकरण की ओर से दोनों ओर नाला निर्माण किया जाएगा। नाला निर्माण होने के बाद ही सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क निर्माण के दौरान किसी का आधा तो किसी का एक चौथाई और किसी का लगभग पूरा ही मकान अतिक्रमण की जद में आ रहा है। दरअसल, गोलपुरा के लेफ्ट साइड की सड़क वर्षों से क्षतिग्रस्त है। यहां पर नाला नहीं होने की वजह से बरसात के दिनों में भारी जलभराव हो जाता है। जलभराव के चलते लोगों को घरों में कैद रहने के लिए मजबूर रहना पड़ता है, बच्चों का स्कूल जाना भी बंद हो जाता है। सड़क निर्माण में करीब चार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। “अतिक्रमण हटने के बाद टेंडर जारी कर 60 फीट चौड़ी सड़क का निर्माण शुरू कर दिया जाएगा और डिवाइडर भी बनाए जाएंगे। यदि किसी के पास पट्टा होगा तो उसे नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाएगा और पुनर्वास की व्यवस्था की जाएगी।” – श्रवण कुमार विश्नोई, नगर निगम आयुक्त, भरतपुर


