पाली के चाणोद गांव में खेत पर काम करते समय 50 वर्षीय किसान ट्रैक्टर-ट्रॉली से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे में उसके सीने की एक तरफ की 8 पसलियां टूट गईं। प्राथमिक उपचार के बाद उसे पाली के बांगड़ अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका इलाज जारी है। ट्रॉली में फसल भरते समय फिसला पैर जानकारी के अनुसार चाणोद निवासी जेठाराम (50) पुत्र उदाराम गुरुवार दोपहर अपने खेत में काम कर रहे थे। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली में खड़े होकर फसल भर रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका पैर फिसल गया और वे ट्रॉली के लोहे के डाले से सीने के बल टकराते हुए नीचे जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें पहले नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए बांगड़ अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक्स-रे में सामने आई गंभीर चोट अस्पताल में जांच और एक्स-रे के दौरान पता चला कि किसान की सीने की एक तरफ की 12 में से 8 पसलियों में फ्रैक्चर है। चोट के कारण सीने में खून जमा हो गया था। डॉक्टरों की टीम ने सावधानीपूर्वक सीने में नली डालकर जमा हुआ खून बाहर निकाला। फिलहाल मरीज को निगरानी में रखा गया है। पसलियां जुड़ने में लगेंगे डेढ़ महीने बांगड़ अस्पताल के डॉ. सुखदेव चौधरी ने बताया कि सीने की हड्डियां हृदय और फेफड़ों जैसे महत्वपूर्ण अंगों की सुरक्षा करती हैं और सांस लेने में अहम भूमिका निभाती हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह की चोट में सामान्यतः ऑपरेशन नहीं किया जाता, बल्कि मरीज को स्थिर अवस्था में रखकर उपचार किया जाता है। टूटी हुई पसलियों को जुड़ने में कम से कम 45 दिन का समय लगेगा।


