राजस्थान हाईकोर्ट ने राजस्थान के राज्यपाल और राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ वेटेनरी एंड एनिमल साइसेंज (राजुवास) के चांसलर (कुलाधिपति) हरिभाऊ बागड़े को नोटिस जारी किया हैं। जस्टिस आनंद शर्मा की अदालत ने यह नोटिस डॉ आर के बाघेरवाल की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किए। याचिका में राज्यपाल द्वारा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु (वाइस चांसलर) की नियुक्ति को चुनौती दी गई हैं। राज्यपाल ने डॉ संमत व्यास को 4 सितंबर 2025 को वीसी नियुक्त किया था। याचिका में कहा गया कि वीसी की नियुक्ति नियमों के विपरीत की गई हैं। इसे रद्द किया जाए। सर्च कमेटी के चैयरमेन की नियुक्ति अवैध
अधिवक्ता दिनेश यादव ने अदालत को बताया कि राज्यपाल के आदेश से वीसी की नियुक्ति के लिए सर्च कमेटी का गठन करके 3 मई 2025 को नियुक्ति विज्ञापन निकाला गया। हमने कोर्ट को बताया कि यूजीसी के नियमों के तहत सर्च कमेटी का चैयरमेन उस यूनिवर्सिटी से जुड़ा नहीं होना चाहिए। लेकिन यूनिवर्सिटी ने प्रोफेसर त्रिभुवन शर्मा को कमेटी का चैयरमेन बना दिया, जो यूनिवर्सिटी के एनिमल न्यूट्रिशियन विभाग के एचओडी रह चुके हैं। वीसी को 10 साल का टीचिंग अनुभव नहीं
वहीं वीसी के पद पर नियुक्त डॉ संमत व्यास भी 10 साल का टीचिंग अनुभव नहीं रखते है। ऐसे में वीसी की नियुक्ति पूरी तरह से अवैध हैं। ऐसे में नियुक्ति को रद्द किया जाए। इस पर अदालत ने राज्यपाल, यूनिवर्सिटी वीसी, रजिस्ट्रार और सरकार से जवाब मांगा हैं।


