धनखड़ बोले- सेहत को लेकर लापरवाही नहीं की:कहा- स्वास्थ्य के लिए इस्तीफा दिया; मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है

पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा- मैंने स्वास्थ्य के प्रति कभी लापरवाही नहीं बरती। इस्तीफा देते समय मैंने कभी नहीं कहा कि मैं बीमार हूं। मैंने कहा था कि मैं स्वास्थ्य को अहमियत दे रहा हूं, जो सभी को देनी भी चाहिए। उन्होंने ये बात चूरू के सादुलपुर में कांग्रेस सांसद राहुल कस्वां के आवास पर कही। राहुल कस्वां के पिता पूर्व सांसद रामसिंह कस्वां और मां कमला कस्वां की सेहत की जानकारी लेने के लिए पूर्व उपराष्ट्रपति धनखड़ यहां पहुंचे थे। धनखड़ का यहां स्वागत किया गया। इस दौरान एक युवक ने उन्हें गुलदस्ता भेंट किया तो धनखड़ ने मजाकिया अंदाज में कहा कि मुझे दाढ़ी वालों से डर लगता है। इस पर उपस्थित लोग ठहाके लगाकर हंसने लगे। धनखड़ बोले- जब भी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह सबसे आगे रहे पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा- मैं रामसिंह जी के स्वास्थ्य के बारे में चिंता करते हुए यहां आया हूं। यह मेरी निजी यात्रा है। मैं अभिभूत हूं कि मुझे इतना सम्मान मिला। ये मेरे ऊपर एक कर्ज है। जब कभी मेरे स्वास्थ्य का मुद्दा उठा, रामसिंह जी सबसे आगे रहे।
कांग्रेस की पूर्व विधायक डॉ. कृष्णा पूनिया ने भी पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। इस दौरान डॉ. कुलदीप पूनिया, सतवीर पूनिया सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पढ़िए त्याग पत्र में धनखड़ ने क्या लिखा था माननीय राष्ट्रपति जी .. सेहत को प्राथमिकता देने और डॉक्टर की सलाह को मानने के लिए मैं संविधान के अनुच्छेद 67(a) के अनुसार अपने पद से इस्तीफा देता हूं। मैं भारत के राष्ट्रपति में गहरी कृतज्ञता प्रकट करता हूं। आपका समर्थन अडिग रहा, जिनके साथ मेरा कार्यकाल शांतिपूर्ण और बेहतरीन रहा। मैं माननीय प्रधानमंत्री और मंत्रिपरिषद के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। प्रधानमंत्री का सहयोग और समर्थन अमूल्य रहा है और मैंने अपने कार्यकाल के दौरान उनसे बहुत कुछ सीखा है। माननीय सांसदों से मुझे जो स्नेह, विश्वास और अपनापन मिला है, वह मेरी स्मृति में हमेशा रहेगा। मैं इस बात के लिए आभारी हूं कि मुझे इस महान लोकतंत्र में उपराष्ट्रपति के रूप में जो अनुभव और ज्ञान मिला, वह अत्यंत मूल्यवान रहा।यह मेरे लिए सौभाग्य और संतोष की बात रही है कि मैंने भारत की अभूतपूर्व आर्थिक प्रगति और इस परिवर्तनकारी युग में उसके तेज विकास को देखा और उसमें भागीदारी की।हमारे राष्ट्र के इतिहास के इस महत्वपूर्ण दौर में सेवा करना मेरे लिए सच्चे सम्मान की बात रही। आज जब मैं इस सम्माननीय पद को छोड़ रहा हूं, मेरे दिल में भारत की उपलब्धियों और शानदार भविष्य के लिए गर्व और अटूट विश्वास है। गहरी श्रद्धा और आभार के साथ, जगदीप धनखड़ ……. पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जगदीप धनखड़ का उपराष्ट्रपति पद से इस्तीफा:स्वास्थ्य को वजह बताया; संसद सत्र के बीच इस्तीफा देने वाले पहले उपराष्ट्रपति देश के 14वें उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने 21 जुलाई 2025 की रात अपने पद इस्तीफा दिया। उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को इसकी वजह बताया। 74 साल के धनखड़ का कार्यकाल 10 अगस्त 2027 तक का था। (पूरी खबर पढ़ें…)

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