नागौरी पान मेथी को जीआई टैग दिलाने की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है। हनुमान बेनीवाल द्वारा इस मुद्दे को संसद और केंद्र सरकार के समक्ष उठाए जाने के बाद केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने पत्र भेजकर इसकी प्रगति से अवगत कराया है। अंतिम चरण में पंजीकरण प्रक्रिया मंत्रालय के अनुसार नागौरी पान मेथी के जीआई पंजीकरण के लिए 13 अगस्त 2024 को आवेदन किया गया था। प्रारंभिक जांच में बताई गई कमियों को दूर करने के बाद 6 फरवरी 2026 को अहमदाबाद में परामर्शदात्री समूह की बैठक आयोजित हुई, जिसमें आवेदन का विस्तृत मूल्यांकन किया गया। समिति की अनुशंसा के आधार पर अब अनुपालन रिपोर्ट जारी की जाएगी। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे जीआई जर्नल में प्रकाशित किया जाएगा। किसानों को मिलेगा लाभ सांसद बेनीवाल लंबे समय से इस मुद्दे को संसद में उठाते रहे हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात कर मेथी उत्पादक किसानों की समस्याओं से भी अवगत कराया था। बेनीवाल ने कहा कि जीआई टैग मिलने से नागौर के किसानों को उनकी पारंपरिक और विशिष्ट उपज का उचित मूल्य मिलेगा। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्पाद की ब्रांड पहचान मजबूत होगी और निर्यात के नए अवसर खुलेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि इससे जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। सांसद ने क्षेत्रीय उत्पादों के संरक्षण और किसानों के हितों के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने का भरोसा भी दिलाया।


