दौसा जिले के महवा विधायक राजेंद्र मीणा ने विधानसभा में स्वायत्त शासन विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान महवा के मास्टर प्लान में संशोधन की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि 2018 से 2038 तक का ड्राफ्ट मास्टर प्लान 21 अगस्त 2023 को अधिसूचित हुआ, लेकिन आपत्तियों के बावजूद यथावत रखा गया। इसके साथ ही नगरपालिका भवन निर्माण, सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम, नई नगरपालिकाओं के गठन तथा जेईएन पदोन्नति का मुद्दा भी सदन में रखा। मास्टर प्लान में संशोधन की मांग विधायक ने बताया कि नगरपालिका महवा का ड्राफ्ट मास्टर प्लान 2018–2038 को 21 अगस्त 2023 को अधिसूचित किया गया था। पार्षदों और आमजन की आपत्तियों के बावजूद इसमें बदलाव नहीं किया गया। 19 सितंबर 2023 को पालिका बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित कर नया मास्टर प्लान तैयार करने की मांग की गई थी। विधायक ने कहा कि बढ़ी हुई पालिका सीमा और बदलते शहरी स्वरूप को देखते हुए संशोधित और व्यावहारिक मास्टर प्लान तैयार कराया जाए। नगरपालिका भवन के लिए 5 करोड़ की मांग उन्होंने बताया कि नगरपालिका महवा का गठन 10 मई 2018 को डी श्रेणी में किया गया था। वर्तमान में पालिका कार्यालय ग्राम पंचायत के जर्जर भवन में चल रहा है, जहां दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विधायक ने करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से नए नगरपालिका भवन निर्माण, पालिका को सी श्रेणी में क्रमोन्नयन और पद स्वीकृत करने की मांग की। सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम की कमी विधायक ने कहा कि सी श्रेणी की नगरपालिका होने के बावजूद महवा में समुचित सीवरेज सिस्टम नहीं है। ग्राम पंचायत काल से लोग अस्थायी गड्ढे बनाकर सीवरेज टैंक बना रहे हैं, जिससे सड़कों के धंसने और हादसों का खतरा बना हुआ है। बारिश के दौरान जलभराव की समस्या भी गंभीर है। उन्होंने स्थायी ड्रेनेज सिस्टम और समग्र ड्रेनेज योजना स्वीकृत करने की मांग रखी। तीन नई नगरपालिकाओं की मांग विधानसभा क्षेत्र के सांथा, पावटा और बैजूपाड़ा को डी श्रेणी नगरपालिका घोषित करने की मांग भी रखी गई। विधायक ने कहा कि इससे इन क्षेत्रों में शहरी सुविधाओं का विस्तार होगा और स्थानीय लोगों को विकास योजनाओं का लाभ मिलेगा। मंडावर नगरपालिका के लिए प्रस्ताव विधायक ने मंडावर नगरपालिका के लिए नए भवन निर्माण, डी से सी श्रेणी में क्रमोन्नयन, फायर स्टेशन के लिए भूमि आवंटन और अग्निशमन वाहन उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही रैन बसेरा और सामुदायिक भवन के लिए भूमि आवंटन और निर्माण का मुद्दा भी उठाया। जेईएन पदोन्नति का मुद्दा विधायक ने 2010-11 में नियुक्त करीब 150 डिग्रीधारी कनिष्ठ अभियंताओं की पदोन्नति का मामला भी उठाया। उन्होंने कहा कि 15 साल की सेवा पूरी करने के बावजूद उन्हें पदोन्नति नहीं मिली, जबकि वे तीन साल पहले ही पात्र हो चुके थे। सरकार से जल्द पदोन्नति आदेश जारी करने और समय सीमा तय करने की मांग की गई।


