लुधियाना जिले के जगराओं तहसील कार्यालय में 10 लाख रुपए की स्वास्थ्य बीमा योजना व्यवस्था के कारण चरमरा गई है। जनता की सुविधा के लिए बनाए गए केंद्र अब बदइंतजामी का शिकार हो गए हैं। तहसील के सुविधा केंद्र में कुल सात काउंटर हैं, लेकिन इनमें से केवल दो ही चालू हैं। इस कारण लोगों को घंटों कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। दिहाड़ी मजदूर अपना काम छोड़कर यहां आते हैं, लेकिन अक्सर बिना काम करवाए ही वापस लौटने को मजबूर होते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी का नुकसान होता है। इसके अलावा यहां पर हथियार लाइसेंस की स्थिति जानने के लिए आने वाले लोगों को भी कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ रहे हैं। कर्मचारियों ने बताया कि पूरा स्टाफ 10 लाख रुपए के हेल्थ कार्ड बनाने के काम में लगा दिया गया है, जिस कारण अन्य सभी कार्य ठप पड़े हैं। नगर सुधार सभा ने उठाए सवाल नगर सुधार सभा के अध्यक्ष अवतार सिंह और सचिव कंवलजीत खन्ना ने इस स्थिति पर सरकार की आलोचना की है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या एक योजना के लिए पूरे सिस्टम को ठप कर देना ही समाधान है? उन्होंने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार को इस काम के लिए अलग स्टाफ नियुक्त करना चाहिए था। इसके बजाय, शिक्षकों को मतदाता सूची सुधार के काम में लगा दिया गया है, जिससे पहले से ही स्टाफ की कमी झेल रहे स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सभा के पदाधिकारियों ने यह भी याद दिलाया कि विपक्ष में रहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ऐसे अस्थायी कार्यों के लिए अलग विभाग और विशेष स्टाफ बनाने की बात करते थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उनके वादे पूरे नहीं हुए। लोगों को करना पड़ रहा घंटों इंतजार जब लोग अपनी शिकायतें लेकर कार्यालय पहुंचे, तो वहां एडीसी, एसडीएम या कोई तहसीलदार मौजूद नहीं था। आम जनता को घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि जिम्मेदार अधिकारियों की कुर्सियां खाली रहीं। लोगों का कहना है कि उनकी दिहाड़ी और समय बर्बाद हो रहा है, लेकिन अधिकारियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। नगर सुधार सभा ने मुख्यमंत्री से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर ठोस समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जनता का गुस्सा सड़कों पर उतर सकता है।


