रायपुर जिले के बी.एस.यू.पी. कॉलोनी मठपुरैना निवासी धानू महत के प्रयास और प्रशासन की पहल से उनके दिव्यांग पुत्र जय महत को विधिक संरक्षण मिल गया है। इस निर्णय के बाद जय की एक वर्ष से बंद 500 रुपये प्रतिमाह की दिव्यांग पेंशन पुनः प्रारंभ होने तथा अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। समिति द्वारा की गई अनुशंसा को समिति के अध्यक्ष एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अनुमोदित किया, जिसके बाद धानू महत को उनके पुत्र का विधिक अभिभावक नियुक्त किया गया। जय महत गंभीर बौद्धिक दिव्यांगता से पीड़ित हैं और दैनिक जीवन के सभी कार्यों के लिए अपने पिता पर पूर्णत निर्भर हैं। पेंशन बंद होने से बढ़ी थी आर्थिक परेशानी
विधिक अभिभावक नियुक्त नहीं होने के कारण जय को मिलने वाली पेंशन पिछले एक साल से बंद थी, जिससे परिवार को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। सीमित संसाधनों के बीच धानू महत वर्षों से अपने पुत्र की देखभाल कर रहे हैं। स्थल निरीक्षण के बाद लिया गया निर्णय
राष्ट्रीय न्यास अधिनियम 1999 की धारा 13(2) के अंतर्गत गठित लोकल लेवल कमेटी, जिला रायपुर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थल निरीक्षण एवं जांच की। परीक्षण में जय की स्थिति की पुष्टि होने के बाद यह निर्णय लिया गया। प्रशासन की इस पहल से पेंशन बहाल होने के साथ अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल सकेगा, जिससे परिवार को नई आशा मिली है।


