पंजाब में SSA कर्मियों की आर-पार की जंग:2018 से पक्का करने की मांग को लेकर मोहाली में धरना, वेतन कटौती के खिलाफ कलम छोड़ हड़ताल।

पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार के खिलाफ सर्व शिक्षा अभियान (SSA) दफ्तरी कर्मचारी यूनियन ने आर-पार की जंग छेड़ दी है। यूनियन के 1007 नॉन-टीचिंग कर्मचारी पिछले कई दिनों से मोहाली की सड़कों पर धरना दे रहे हैं और ‘कलम छोड़ हड़ताल’ पर हैं। कर्मचारियों का मुख्य विरोध सरकार द्वारा उन्हें पिछली तारीख (1 अप्रैल 2018) के बजाय वर्तमान तारीख से नियमित करने के फैसले को लेकर है। कर्मचारियों का कहना है कि वर्तमान तारीख से पक्का करने और तीन साल का प्रोबेशन लागू करने से उनकी सैलरी में 60 से 65% की भारी कटौती हो रही है, जो उनके साथ सरासर धोखा है। यूनियन के नेता आशिशने बताया कि सरकार ने चुनाव से पहले वादा किया था कि सत्ता में आते ही कच्चे कर्मचारियों को प्राथमिकता के आधार पर पक्का किया जाएगा। हालांकि, अब जब कोर्ट के आदेशों के बाद नियमितीकरण की प्रक्रिया शुरू हुई है, तो सरकार ने इसे ‘आज की तारीख’ से लागू करने का फरमान सुना दिया है। कर्मचारियों का दावा है कि उनका हक 1 अप्रैल 2018 से बनता है। इसका आधार यह है कि पिछली सरकार के समय जब उनके साथी शिक्षकों को पक्का किया गया था, तो उन्हें भी 2018 से ही लाभ दिए गए थे। अब दफ्तरी कर्मचारियों के साथ भेदभाव करते हुए उन्हें वर्तमान तारीख से पक्का किया जा रहा है, जिससे उनकी पुरानी सर्विस काउंट नहीं होगी।

वेतन में भारी कटौती कर्मचारियों के अनुसार, अगर उन्हें 2018 से पक्का किया जाता है, तो उनकी सैलरी 50,000 से 60,000 रुपये के बीच होनी चाहिए। लेकिन सरकार उन्हें नए सिरे से प्रोबेशन पर रखकर केवल ‘बेसिक पे’ देने की बात कह रही है। आशिश ने बताय की सरकार के वर्तमान फैसले से वेतन में लगभग 60-65% की कमी आएगी। इसके अलावा कर्मचारियों का महंगाई भत्ता पिछले 4 सालों से बंद है। इसमें
2014 से छठा वेतन आयोग लागू करते समय भी उनका डीए क्लियर नहीं किया गया था, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ गया है। फाइनांस डिपार्टमेंट के पास पहुंची फाइल यूनियन ने जानकारी दी कि मोहाली धरने के दौरान DPI (सेकेंडरी) बलवीर सिंह ने कर्मचारियों की मांगों पर संज्ञान लिया है। उन्होंने एक विस्तृत फाइल बनाकर वित्त विभाग को भेज दी है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि विभाग उनकी जायज मांगों पर गौर करेगा, ताकि 1007 परिवारों को आर्थिक तंगी से बचाया जा सके। आंदोलन की अगली रणनीति फिलहाल, पंजाब के अलग-अलग जिलों से आए कर्मचारी मोहाली में डटे हुए हैं। उनकी मांग है कि नियमितीकरण 1-4-2018 की तारीख से लागू हो। इसके अलावा यूनियन की मांग है कि पिछली पूरी सर्विस को काउंट किया जाए। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि जब तक सरकार अपना नोटिफिकेशन संशोधित नहीं करती, उनकी ‘कलम छोड़ हड़ताल’ और मोहाली का पक्का धरना इसी तरह जारी रहेगा।

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