कोटा में यूजीसी के नए प्रावधानों के विरोध में समता आंदोलन समिति ने आंदोलन छेड़ दिया है। समिति के बैनर तले सवर्ण समाज के लोग कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यूजीसी के नए प्रावधान सवर्णों के लिए घातक हैं। उनका कहना है कि अगर यह नियम लागू हो गया तो उनके बच्चे यूनिवर्सिटी में पढ़ नहीं पाएंगे और जेलों में जाएंगे। समता आंदोलन के संभागीय अध्यक्ष डॉ. अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया यूजीसी एक्ट एक काला कानून है। उन्होंने कहा कि इससे समाज में भेदभाव बढ़ेगा और यह सवर्णों के लिए घातक है। डॉ. शर्मा ने कहा कि अगर यह नियम लागू हो गया तो उनके बच्चे यूनिवर्सिटी में पढ़ नहीं पाएंगे और जेलों में जाएंगे। इसी के विरोध में समता आंदोलन समिति ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक धरना रखा।
सरकार अमन-चैन के लिए बनती है समिति की मांग है कि न केवल यूजीसी का कानून, बल्कि जितने भी जातिगत नियम और कानून हैं, वे सभी समाप्त होने चाहिए। उन्होंने कहा कि यह देश भारतीयों का है और वे सभी भारतीयों को सवर्ण मानते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जो सरकार अमन-चैन के लिए बनती है, वह वैमनस्य पैदा कर रही है। ऐसी सरकार को समाप्त करने के लिए वे अग्रसर हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानी, तो वे आगे बड़ी रैली करेंगे और जरूरत पड़ी तो बंद जैसा निर्णय भी लेंगे। उन्होंने कहा कि नियम वापस नहीं लेने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- गलत इस्तेमाल हो सकता है सुप्रीम कोर्ट ने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) के नए नियमों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच ने कहा था कि इसके प्रावधान स्पष्ट नहीं हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। UGC ने 13 जनवरी को अपने नए नियमों को नोटिफाई किया था। इनका देशभर में विरोध हो रहा है। अब सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और UGC को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। साथ ही नियमों का ड्राफ्ट फिर से तैयार करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा- इस मामले में अगली सुनवाई अब 19 मार्च को होगी। … कोटा से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… कोटा में UGC का विरोध, सड़क पर उतरा सवर्ण समाज:टायर जलाया, बोले- जातिगत आरक्षण ही इस एक्ट की जननी, वापस नहीं लेने पर आंदोलन की चेतावनी दी UGC के नए प्रावधान के विरोध में समता आंदोलन के साथ सवर्ण समाज ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी बड़ी संख्या में सीएडी ग्राउंड पर इकट्ठा हुए। वहां से रैली के रूप में संभागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचे। जहां टायर जला कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन को प्रधानमंत्री व राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देकर इस कानून को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने एवं संशोधन करने की मांग की। खबर पढ़े


