दंतेवाड़ा जिले के जावंगा में क्रशर प्लांट ब्लास्टिंग मामले में दैनिक भास्कर की खबर का असर हुआ है। कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर एसडीएम, तहसीलदार, माइनिंग टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। जगदलपुर से पर्यावरण विभाग की टीम भी स्थल पर पहुंची। जानकारी के मुताबिक, खदान क्षेत्र का सीमांकन किया जा रहा है। प्रारंभिक आशंका है कि निर्धारित हेक्टेयर से अधिक भूमि में प्लांट संचालित हो रहा है। जांच रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को सौंपी जाएगी। देखिए पहले ये तस्वीरें- एनएच-63 से 100-150 मीटर दूर है प्लांट दरअसल, जगदलपुर-बीजापुर एनएच-63 से करीब 100-150 मीटर की दूरी पर लक्ष्मी मेटल एंड इंडस्ट्रीज का क्रशर प्लांट संचालित है। पुलिस के अनुसार 18 फरवरी को थाना से ब्लास्टिंग के लिए बारूद लिया गया था, लेकिन दिन और समय की सूचना नहीं दी गई। 19 फरवरी की शाम करीब 4 बजे ब्लास्टिंग कर दी गई। ब्लास्टिंग के दौरान 50 किलो से अधिक वजनी पत्थर 200 से 300 मीटर दूर तक जा गिरे। एक बड़ा पत्थर नवीन प्राथमिक शाला कोसापारा बड़े पनेड़ा की कंक्रीट छत तोड़ते हुए कक्षा में गिरा। उस समय स्कूल में छात्र-शिक्षक मौजूद नहीं थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। ढाबा और करीब 200 मीटर दूर स्थित सीआरपीएफ कैंप परिसर के पास भी पत्थर गिरे। प्रशासनिक अमला मौके पर जब दैनिक भास्कर को इस मामले की जानकारी मिली तो खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। इसके बाद प्रशासन भी हरकत में आया। गीदम एसडीएम मनीष बघेल, तहसीलदार महेश कश्यप, आरआई चित्रसेन निराला तथा पटवारी बृषभूषण देशमुख, ओम कश्यप और बृजेश उसेंडी मौके पर पहुंचे। वर्तमान में प्लांट स्थल का सीमांकन किया जा रहा है। साथ ही माइनिंग विभाग की टीम ने भी स्थल का निरीक्षण कर दस्तावेज और सुरक्षा मानकों की जांच शुरू की। जगदलपुर से इंवॉयर्मेंट की टीम से साइंटिस्ट घनश्याम सिंग समेत अन्य अधिकारी पहुंचे। प्रारंभिक जांच में प्लांट संचालन में लापरवाही सामने आई है। SDOP बोले- FIR दर्ज कर जांच की जा रही एसडीओपी गोविंद दीवान ने बताया कि 24 फरवरी को पुलिस को घटना की जानकारी मिली। एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पुलिस की अनुमति के बिना ब्लास्टिंग की गई। जांच में जिन लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन पर कार्रवाई होगी। अब तक की जांच में सामने आए तथ्य पुलिस जांच में प्राथमिक तौर पर सामने आया है कि निर्धारित सीमा से अधिक विस्फोटक का उपयोग किया गया है। सामान्य परिस्थितियों में पत्थरों का 300 मीटर तक जाना नहीं होता। सर्फेस क्लीनिंग नहीं किए जाने की भी आशंका है। छत तोड़ने वाला पत्थर पुराना था, जो ब्लास्ट से पहले साइट पर मौजूद था। चार लोगों के नाम सामने, दो जेल भेजे गए गीदम पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। जांच में संचालक टी. रमेश, मैनेजर इजराइल, ब्लास्टर टी. रमेश, असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू के नाम सामने आए। ब्लास्टर टी. रमेश, असिस्टेंट ब्लास्टर रामबाबू पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 288, 324(5), 326(7) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3 के तहत मामला दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। वहां से 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। संचालक और मैनेजर फरार बताए जा रहे हैं। जांच पूरी होने तक प्लांट बंद एसडीएम मनीष बघेल ने संचालक को नोटिस जारी किया। जांच पूरी होने तक प्लांट बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। संयुक्त जांच टीम रिपोर्ट तैयार कर रही है। ब्लास्टिंग के नियम ……………………….. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… क्रशर ब्लास्ट…स्कूल की छत तोड़कर क्लासरूम में गिरा 50KG पत्थर: 200-300 मीटर दूर ढाबा,CRPF कैंप के नजदीक गिरे बोल्डर, 2 ब्लास्टर गिरफ्तार, संचालक-मैनेजर फरार छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के जावांगा में स्थित क्रशर प्लांट में अचानक ब्लास्ट कर दिया गया। जिससे पत्थरों के टुकड़े करीब 200-300 मीटर दूर स्कूल, ढाबा और CRPF कैंप के नजदीक जा गिरे। 50 किलो से ज्यादा वजन का पत्थर स्कूल की छत तोड़कर नीचे क्लास रूम में गिर गया। हालांकि कोई जनहानि नहीं हुई। पढ़ें पूरी खबर…


