आदिवासियों का फर्जी एनकाउंटर न करे सरकार-दीपक बैज:गर्मियों में चलाए जा रहे नक्सल अभियानों में विशेष सावधानी बरती जाए

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने नक्सल विरोधी अभियानों को लेकर राज्य सरकार को सावधानी बरतने की नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि सरकार अपना ऑपरेशन चलाए, कांग्रेस को उससे कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन निर्दोष आदिवासियों को नक्सली बताकर फर्जी एनकाउंटर न किया जाए। बैज ने कहा कि गर्मी के मौसम में जंगल क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी इमली, महुआ, तेंदूपत्ता और लकड़ी जैसे संसाधन जुटाने के लिए जंगल जाते हैं। ऐसे में सुरक्षा बलों को विशेष सतर्कता रखनी चाहिए ताकि निर्दोष ग्रामीण किसी कार्रवाई का शिकार न हों। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले वर्षों में भी आदिवासियों को नक्सली बताकर मुठभेड़ में मारे जाने के मामले सामने आए हैं।
कांग्रेस ने गिनाए फर्जी एनकांउटर के मामले 14 अगस्त 2025: केशकाल का मामला कांग्रेस ने 14 अगस्त 2025 को केशकाल क्षेत्र के कोहकामेटा गांव में हुई घटना का जिक्र किया। पार्टी नेताओं के अनुसार, चार युवक (उम्र 23-24 वर्ष) जंगल गए थे। आरोप है कि पुलिस ने उन्हें नक्सली बताकर गोली मार दी।दावा था कि युवक अपनी पहचान बता रहे थे और मोबाइल व आधार कार्ड भी दिखाए थे, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई। बाद में घटना को नक्सली मुठभेड़ बताया गया, जबकि आसपास गोलीबारी के स्पष्ट निशान नहीं मिले। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मृतक के पिता को भी शुरुआत में अलग जानकारी दी गई, जिसे परिवार ने मानने से इनकार कर दिया।
बीजापुर का दो साल पुराना मामला कांग्रेस ने बीजापुर जिले के पीडिया गांव की घटना का भी हवाला दिया, जहां दो वर्ष पहले 12 आदिवासियों के मारे जाने का मामला सामने आया था। कांग्रेस की जांच समिति ने तब आरोप लगाया था कि मारे गए लोग नक्सली नहीं, बल्कि स्थानीय आदिवासी थे। उनका कहना था कि ग्रामीण रोज की तरह तेंदूपत्ता तोड़ने जंगल गए थे, जहां उन्हें घेरकर गोली चलाई गई। कांग्रेस ने इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की थी।
सरकार से क्या मांग दीपक बैज ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन निर्दोष लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी ऑपरेशन में आम आदिवासी नागरिकों को नुकसान न पहुंचे। नक्सल प्रभावित इलाकों में चल रहे अभियानों के बीच कांग्रेस के इस बयान से राजनीतिक बहस तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *