बांसवाड़ा में बिजनेसमैन को बंधक बनाकर उसके मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी खुद के नाम करवाने वाले हिस्ट्रीशीट को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए है। कार्रवाई एसपी सुधीर जोशी के नेतृत्व में कोतवाली थाना पुलिस ने की। कोतवाली थानाधिकारी बुधाराम बिशनोई ने बताया कि अयूब से गहन पूछताछ की जा रही है। उसके कब्जे से खाली स्टाम्प पेपर बरामद किए गए हैं, जो उसने पीड़ित व्यापारी हकीम से जबरन साइन करवाए थे। इसके अलावा, आरोपी ने कई खाली चेक भी लिए थे, जिनकी बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं। 5 के बदले 6 लाख वसूले, फिर भी 14 लाख बकाया बताए
जांच में सामने आया कि हकीम ने अयूब से पूर्व में 5 लाख रुपए लिए थे। पीड़ित अब तक अयूब को 6 लाख रुपए लौटा चुका है। इसके बाद भी और पैसों की डिमांड की जा रही है। उसने हकीम और उसके परिवार के साथ मारपीट की और डरा-धमकाकर मकान की पावर ऑफ अटॉर्नी लिखवा ली। आरोपी अब भी पीड़ित पर 14 लाख रुपए का बकाया बताकर उसे प्रताड़ित कर रहा था। बांसवाड़ा समेत 3 जिलों में फैला नेटवर्क
थानाधिकारी बिशनोई के अनुसार, अयूब ने बांसवाड़ा के अलावा डूंगरपुर और प्रतापगढ़ में भी अवैध रूप से संपत्तियां अर्जित की हैं। फिलहाल इन तीनों जिलों में उसकी चल-अचल संपत्तियों का ब्यौरा जुटाया जा रहा है। पूछताछ में सामने आया कि शहर के ही करीब 10-12 अन्य लोग भी पीड़ित है, जिन्हें अयूब ने ब्याज और उधारी के जाल में फंसा रखा है। इन लोगों से लाखों रुपए हड़पने और उनकी संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से आरोपी उन्हें धमका रहा था। पुलिस अब इन पीड़ितों से संपर्क कर रही है, जिससे आरोपी के खिलाफ मामले को और मजबूत किया जा सके। रिमांड पर लेकर पूछताछ जारी
सीआई बिश्नोई ने बताया कि पीसी रिमांड के दौरान आरोपी अयूब से पूछताछ में व्यापारी हकीम नामक व्यक्ति की एफआईआर पर कार्रवाई की जा रही है। खाली स्टाम्प मिल चुके हैं, चेक की रिकवरी शेष है। डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और बांसवाड़ा में उसकी बेनामी संपत्तियों की जांच की जा रही है। करीब एक दर्जन अन्य पीड़ित लोग हैं, उनसे भी जानकारी ली जा रही है।


